तरबुज के फाईनल साईज में, जब फल अपना 60-70 % आकार ले चुका होता है, तब पौधे का पूरा ध्यान ‘फल के वजन’ पर होता है। इस समय पोटाश की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन उसके साथ कुछ अन्य तत्वों का संतुलन वजन और गुणवत्ता तय करता है।
- पोटाश: यह पत्तों में बने कार्बोहाइड्रेट और शुगर को खींचकर फल के अंदर जमा करता है। इससे फल का घनत्व और वजन बढ़ता है और वह अंदर से खोखला नहीं रहता। फल का वजन बढ़ता है, छिलका चमकदार होता है और मिठास (TSS) में सुधार होता है।
- मैग्नीशियम: इस समय पुराने पत्ते पीले पड़ने लगते हैं। मैग्नीशियम क्लोरोफिल को बनाए रखता है ताकि आखिरी समय तक पौधा फल को पालने के लिए भोजन बनाता रहे। अंत समय में बेल को सूखने से बचाता है।
स्प्रे:
- सिक्वेंशियल 2 – 2 मिली प्रती लिटर पानी
जमीन से:
- जेरार्ड सोल्युशन – 4 किलो प्रती एकड़
(इसको अवस्था के अनुसार 2-3 बार दुबारा इस्तेमाल करें)



