कपास की फसल जब 90 दिन से आगे (परिपक्वता अवस्था) निकलती है, तब पौधे का मुख्य उद्देश्य फुलों को सुरक्षित रखना, टिंडों (Bolls) का आकार बढ़ाना और वजन देना होता है। इस अवस्था में छिड़काव और ड्रिप का संयोजन बेहद जरुरी हो जाता है।
1. सिक्वेन्शियल 2: (10:20:40 + मैग्नीशियम + सुक्ष्मपोषकतत्व)
जब आप पत्तियों पर छिड़काव करते हैं, तो पौधा इसे बहुत तेजी से सोखता है।
- NPK 10:20:40 का कमाल: इसमें नाईट्रोजन कम और पोटाश (40 %) बहुत अधिक है। इस अवस्था में पोटाश पौधे के लिए टॉनिक का काम करता है। यह टहनियों की फालतू बढ़वार को पूरी तरह रोककर सारी ताकत सिर्फ टिंडों को भरने और उनका आकार (Size) बढ़ाने में लगा देता है।
- मैग्नीशियम और सुक्ष्मपोषकतत्व: इस समय पत्तियां बूढ़ी होने लगती हैं। मैग्नीशियम और जिंक, बोरान, आयरन जैसे सुक्ष्मतत्व पत्तियों को हरा रखते हैं, जिससे प्रकाश संश्लेषण (भोजन बनाने की प्रक्रिया) तेज होती है और पौधे को अंदर से ताकत मिलती है।
2. जेरार्ड सोल्युशन (05:08:40 + मैग्नीशियम)
ड्रिप के माध्यम से जड़ों को लगातार सही पोषण मिलना बहुत जरूरी है ताकि पौधे पर लोड (अनेक टिंडे) होने के बावजूद वह कमजोर न पड़े।
- फार्मूलेशन (05:08:40): इसमें नाईट्रोजन नाममात्र (5%) है, फास्फोरस (8%) जड़ों को जिंदा रखता है और पोटाश (40%) जमीन के जरिए लगातार फलों को ताकत देता है।
- मैग्नीशियम की भूमिका: यह जड़ों के पास लगातार बना रहता है ताकि जमीन से लाल पत्तों की समस्या जड़ से न उभरे और पौधे की सहनशक्ति बनी रहे।
3. फूल सेटिंग और ड्रापिंग (फूल-टिंडे झड़ना) रोकने का प्रबंधन
90 दिन के बाद अक्सर तापमान या नमी के असंतुलन से फूल और छोटे टिंडे झड़ने (Drop होने) लगते हैं। इसे रोकने के लिए:
- कैल्शियम और बोरान की पूर्ति:
- कैल्शियम पौधे की सेल वॉल (Cell Wall) यानी कोशिकाओं की दीवारों को मजबूत बनाता है, जिससे फल का डंठल मजबूत होता है और वह आसानी से अलग नहीं होता (ड्रॉपिंग रुकती है)।
- बोरान परागण (Pollination) में मदद करता है और फूलों को आपस में मजबूती से बांधकर रखता है। (यदि इस स्प्रे में या अलग से बोरान का उपयोग किया जाए, तो यह सोने पर सुहागा का काम करता है।
4. टिंडे की साइज और वजन बढ़ाना
- जब पौधे को ड्रिप से 05:08:40 + मैग्नीशियम और ऊपर से 10:20:40 का पोषण मिलता है, तो पोटाश और फास्फोरस मिलकर टिंडों के अंदर रुई और दाने के विकास को तेज कर देते हैं।
- इससे टिंडे का आकार बड़ा होता है, टिंडे खुलते अच्छे से हैं और चुनाई के समय कपास का वजन व चमक बढ़ जाती है।
मात्रा :
छिडकांव :
- सिक्वेन्शियल 2: 2 मिली प्रती लीटर पानी
ड्रिप या जमीन से,
- जेरार्ड सोल्युशन: 3 किलो प्रती एकड़
(नमी का ध्यान: इस अवस्था में खेत में पर्याप्त नमी रखें, क्योंकि इस अवस्था में सूखा ता स्ट्रेस से टिंडे झड़ने लगते हैं।)


