स्ट्रौबेरी की फसल में 70 से 75 दिन का समय बेहद नाजुक, महत्वपूर्ण और सबसे अधिक रिटर्न देने वाला चरण होता है। इस अवस्था को फसल का ‘पीक बेयरिंग और हार्वेस्टिंग फेज़‘ कहा जाता है।
इस समय तक पौधे में शुरुआती फलों की तुड़ाई (Harvesting) शुरू हो चुकी होती है और साथ ही आगे आने वाले फल भी आकार ले रहे होते हैं।
जब लगातार फलों को तोड़ा जाता है, तो पौधे को बहुत अधिक ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। बार-बार तुड़ाई होने के कारण पौधे की आंतरिक ऊर्जा कम हो जाती है, जिसे कृषि की भाषा में ‘तुड़ाई का तनाव‘ (Harvest Stress) कहते हैं।
यदि इस समय पौधे को सही पोषण न मिले, तो पौधा कमजोर होने लगता है, जिससे आगे आने वाले फल छोटे रह जाते हैं या पौधे की बढ़वार रुक जाती है। तो इसके लिए स्प्रे से,
- कैलमेक्स गोल्ड (छिड़कांव)
- तत्व: कैल्शियम, एमिनो एसिड, मैग्नीशियम और सुक्ष्मपोषकतत्व।
- तनाव से राहत: लगातार तुड़ाई के कारण पौधे शारीरिक रूप से थक जाते हैं। इसमें मौजूद एमिनो एसिड पौधे की कोशिकाओं को ऊर्जा देकर तुड़ाई के कारण होने वाले तनाव से तुरंत राहत दिलाता है।
- फलों की मजबूती और गुणवत्ता: कैल्शियम फलों की सेल वॉल (Cell Wall) को मजबूत करता है, जिससे फल चमकदार, ठोस बनते हैं और परिवहन (transport) के दौरान खराब नहीं होते।
- नई बहार और प्रकाश संश्लेषण: मैग्नीशियम और सुक्ष्मपोषकतत्व क्लोरोफिल का निर्माण बढ़ाते हैं, जिससे पौधे में नई कलियां और फूल (नई बहार) बहुत अच्छी मात्रा में आते हैं।
- अल्बर्ट सोल्युशन NPK 10:09:16 (ड्रिप सिंचाई / Drip)
- तत्व: NPK (10:09:16) के साथ 13% कैल्शियम औक्साइड (CaO), मैग्नीशियम, सल्फर और सुक्ष्मपोषकतत्व।
- फलों का आकार और गुणवत्ता (पोटाश की भूमिका): इसमें मौजूद 16% पोटाश फलों के आकार, वजन, चमक और मिठास (TSS) को बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाता है।
- संतुलित पोषण और जड़ विकास: कैल्शियम और मैग्नीशियम जड़ों को मजबूत रखते हैं और मिट्टी से अन्य पोषक तत्वों के अवशोषण को आसान बनाते हैं।
- पैदावार में बढ़ोतरी: सल्फर और सुक्ष्मपोषकतत्वों का यह उन्नत संयोजन पौधे के चयापचय (Metabolism) को सुधारता है, जिससे अगली पैदावार और तुड़ाई का उत्पादन लगातार बढ़ता रहता है।
मात्रा:
छिड़कांव:
- कैलमेक्स गोल्ड: 2 मिली प्रती लीटर पानी
ड्रिप:
- अल्बर्ट सोल्युशन : 4 किलो प्रती एकड़


