कपास की 25 से 45 दिन की अवस्था फसल के लिए बहुत ही नाजुक और महत्वपूर्ण होती है। इस समय पौधे में वानस्पतिक वृद्धि के साथ-साथ फुल की कलियां (Squares) बनने और फूल आने की शुरुआत होती है।
स्प्रिंजल मिक्स NPK 11:10:17, कैल्शियम 13%, मैग्नीशियम (MgO 2%) और सुक्ष्मपोषकतत्व का इस अवस्था में बहुत बड़ा महत्व है।
यह स्प्रे कपास की फसल में क्या काम करता है:
1. NPK 11:10:17 (संतुलित पोषण और पोटाश)
- कलियों का विकास: इसमें मौजूद फास्फोरस (10%) पौधे में नई कलियां और फूल बनने की प्रक्रिया को तेज करता है।
- पोटाश की भूमिका (17%): इस अवस्था में पोटाश की बहुत जरूरत होती है। पोटाश फूलों और आने वाले टिन्डे (Bolls) को मजबूती देता है, पौधे में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और फाइबर की गुणवत्ता सुधारता है।
2. कैल्शियम (CaO 13%)
- फूल और कलियां झड़ने से रोकना: 45-55 दिन के आसपास कई बार मौसम बदलने से कपास की कलियां और छोटे फूल झड़ने लगते हैं। कैल्शियम पौधे की कोशिकाओं की दीवारों (Cell walls) को मजबूत करता है, जिससे फूल और कलियां पौधे से गिरती नहीं हैं।
- तने की मजबूती: यह पौधे के तने और शाखाओं को मजबूत बनाता है ताकि भारी वजन (टिड्डे/टिन्डे) सहन कर सकें।
3. मैग्नीशियम (MgO 2%)
- हरापन और प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis): मैग्नीशियम क्लोरोफिल का मुख्य भाग है। यह पत्तियों में भोजन बनाने की प्रक्रिया को तेज करता है और पुरानी व नई पत्तियों पर आने वाले पीलेपन को रोकता है।
4. सुक्ष्मपोषकतत्व (Micronutrients)
- हार्मोनल संतुलन: यह सुक्ष्मपोषक तत्व पौधे के आंतरिक विकास को संतुलित रखते हैं, जिससे पौधे का संपूर्ण विकास होता है और पैदावार की क्षमता बढ़ती है।
मात्रा:
- स्प्रिंजल मिक्स: 5 ग्राम प्रती लीटर पानी
(जरुरत के अनुसार इसको रिपीट करे)

