3. 20 से 30 दिन बाद: किंगफोल जिंक 70 का छिड़काव

रोपाई के 20 से 30 दिन बाद की अवस्था धान के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इस समय कल्ले फूटने (Tillering) की प्रक्रिया तेजी से चलती है और पौधों को सबसे ज्यादा पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है।

किंगफोल जिंक 70 एक जिंक उर्वरक है, जो इस अवस्था में,

  • पिलापन दूर करना : यदि इस समय पत्तियों पर हल्के पीले धब्बे या धारियां दिखाई दे रही हैं, तो यह जिंक की कमी का लक्षण हो सकता है। किंगफोल जिंक 70 पौधों में जिंक की कमी को तेजी से दूर करके पत्तियों को हरा-भरा बनाता है।
  • कल्लों का विकास (Tillering): रोपाई के 20-30 दिन बाद कल्ले निकलने की प्रक्रिया में जिंक एक उत्प्रेरक के रूप में काम करता है। इसके उपयोग से अधिक से अधिक कल्ले निकलते हैं, जिससे फसल घनी होती है और आगे चलकर बंपर पैदावार मिलती है।
  • जड़ विकास और मजबूती: इस उत्पाद में मौजूद फ़ोर्मूलेशन प्रारंभिक और माध्यमिक जड़ों के विकास को बढ़ावा देते हैं। मजबूत जड़ें होने से पौधे जमीन से पानी और अन्य पोषक तत्वों (जैसे नाईट्रोजन, फास्फोरस) को आसानी से खींच पाते हैं।
  • एन्जाईम और प्रोटीन संश्लेषण: यह पौधों के भीतर विभिन्न एन्जाईमों और प्रोटीन के निर्माण को तेज करता है, जिससे पौधे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और वह पर्यावरणीय तनाव (जैसे तापमान या पानी की कमी) का बेहतर सामना कर पाते हैं।
मात्रा:

किंगफोल जिंक 70: 1 मिली प्रती लिटर पानी

 

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