पौधा सैट करने हेतु,
पत्तागोभी (Cabbage) और फूलगोभी (Cauliflower) जैसी सब्जियों के लिए बायो-20 (Bio-20) और किंगफोल जिंक 70 का कोम्बिनेशन बेहतरीन काम करता है। इन दोनों का छिड़काव आपकी फसल को शुरुआती विकास से लेकर कटाई तक भारी फायदा पहुँचा सकता है।
पत्तागोभी और फूलगोभी में इसके मुख्य फायदे और इस्तेमाल का सही तरीका नीचे दिया गया है:
पत्तागोभी और फूलगोभी में इसके मुख्य फायदे
बायो-20:
इसमें समुद्री शैवाल (Seaweed) के साथ बराबर मात्रा में NPK (20:20:20) और सुक्ष्मपोषकतत्व होते हैं।
- शुरुआती वानस्पतिक विकास (Vegetative Growth): पत्तागोभी और फूलगोभी में पत्तों का आकार बड़ा और चमकदार होना बहुत जरूरी है। बायो-20 पौधों को नाईट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का तुरंत रस देता है, जिससे पौधे तेजी से बढ़ते हैं।
- जड़ों का मजबूत विकास: सीवीड एक्सट्रैक्ट जड़ों को गहराई तक फैलाता है, जिससे मिट्टी से पोषक तत्व सोखने की क्षमता बढ़ती है।
- तनाव से सुरक्षा: मौसम के उतार-चढ़ाव (जैसे तेज धूप या पाला) से होने वाले स्टैस को यह कम करता है।
किंगफोल जिंक 70:
गोभी वर्गीय फसलों में जिंक की कमी बहुत आम है, जिससे पत्तियां छोटी और विकृत हो जाती हैं।
- एन्जाईम और हार्मोन बूस्टर: जिंक पौधों में औक्सिन (Auxin) जैसे विकास हार्मोन्स को सक्रिय करता है, जिससे पौधों का सही आकार बनता है।
- फूलगोभी में ‘व्हिपटेल‘ और ‘ब्राउनिंग‘ से बचाव: जिंक और अन्य सुक्ष्मपोषकतत्वों की कमी से फूलगोभी का फूल छोटा, बिखरा हुआ या भूरा (Browning) होने लगता है। किंगफोल जिंक फूल को ठोस, गठीला और एकदम सफेद (Milky White) बनाने में मदद करता है।
- पत्तागोभी का वजन बढ़ाना: पत्तागोभी का ‘हेड’ कसकर बंधता है और उसका वजन बढ़ता है, जिससे बाजार में अच्छी कीमत मिलती है।
रोपाई 5-7 दिन बाद
- इस समय पौधा अपनी ग्रोथ शुरू कर रहा होता है और उसे पत्तियां फैलाने के लिए ताकत चाहिए होती है।
मात्रा :
- बायो-20: 2 मिली प्रति लीटर पानी
- किंगफोल जिंक 70: 1 मिली प्रति लीटर पानी
कुछ जरूरी सावधानियां:
- छिड़काव का समय: हमेशा सुबह के समय या शाम को धूप ढलने के बाद ही स्प्रे करें। दोपहर की तेज धूप में छिड़काव करने से बचें।
- चिपकने वाला पदार्थ (Silicon Sticker): गोभी के पत्तों पर एक मोमी (Waxy) परत होती है जिससे पानी फिसल जाता है। इसलिए दवा के साथ एक अच्छा सिलिकोन स्टीकर जरूर मिलाएं ताकि दवा पत्तों पर अच्छे से चिपक सके।
- नमी का ध्यान रखें: खेत में हल्की नमी होने पर ही छिड़काव करें, सूखे खेत में स्प्रे करने से बचें।


