2. पत्तागोभी – फूलगोभी 5-7 दिन की अवस्था (पहली ड्रेंचिंग)

पहली ड्रेंचिंग,

पत्तागोभी और फूलगोभी की रोपाई (Transplantation) के 5 से 7 दिन के भीतर पहली ड्रेंचिंग फसल उत्पाद तय करती है। इस शुरुआती समय में पौधों की जड़ें बहुत नाजुक होती हैं और वे नए खेत की मिट्टी में सेट हो रही होती हैं।

इस नाजुक समय पर बेरी 48 (NPK 14:48:00 + 3% MgO + TE) और लिपमैन कोम्बी (EDTA चिलेटेड सुक्ष्मपोषकतत्व) का कोम्बिनेशन एक ‘स्टार्टर बूस्टर’ की तरह काम करता है।

1. बेरी 48 (NPK 14:48:00)

रोपाई के पहले हफ्ते में पौधे को ऊपर बढ़ने से ज्यादा जमीन के नीचे जड़ें फैलाने की जरूरत होती है। बेरी 48 में फास्फोरस की भारी मात्रा (48%) होती है जो इस स्टेज के लिए सबसे जरूरी है।

  • सफेद जड़ों का तेज विकास (White Root Development): हाई-फास्फोरस जड़ों के विकास की रफ्तार को दोगुना कर देता है। जितनी ज्यादा सफेद जड़ें बनेंगी, पौधा उतनी ही मजबूती से मिट्टी को पकड़ेगा और पोषक तत्व सोखेगा।
  • शुरुआती झटके (Transplantation Shock) से बचाव: जब नर्सरी से उखाड़कर छोटे पौधों को मुख्य खेत में लगाया जाता है, तो वे मुरझाने लगते हैं। बेरी 48 में मौजूद 14% नाईट्रोजन और मैग्नीशियम (MgO) पौधे को तुरंत हरी-भरी ऊर्जा देते हैं, जिससे पौधा तनाव से बाहर आ जाता है।
  • तने की मजबूती: यह छोटे पौधों के तने को मोटा और मजबूत बनाता है ताकि वे हवा या पानी के दबाव से गिरे नहीं।

2. लिपमैन कोम्बी

यह एक पूरी तरह से पानी में घुलनशील (100% EDTA Chelated) कोम्बिनेशन है, जिसमें जिंक (Zn), फेरस (Fe),  मैन्गेनीज (Mn), कोपर (Cu), बोरान (B) और मोलिब्डेनम (Mo) जैसे सुक्ष्मपोषकतत्व संतुलित मात्रा में होते हैं।

  • क्लोरोफिल (Chlorophyll) का निर्माण: लोहा और मैन्गेनीज पौधों में भोजन बनाने की प्रक्रिया (Photosynthesis) को तुरंत चालू करते हैं, जिससे पत्तियां रोपाई के बाद पीली नहीं पड़तीं और तुरंत गहरी हरी होने लगती हैं।
  • फूलगोभी में शुरुआती बीमारियों से बचाव: गोभी वर्गीय फसलों को बोरान और मोलिब्डेनम की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। मोलिब्डेनम की कमी से होने वाला ‘व्हिपटेल’ रोग (जिसमें पत्तियां पतली और पूंछ जैसी हो जाती हैं) की शुरुआत इसी स्टेज से रुक जाती है।
  • पोषक तत्वों का आसान अवशोषण: चीलेटेड (Chelated) तकनीक के कारण ये सुक्ष्मपोषकतत्व मिट्टी में फिक्स (खराब) नहीं होते और नई बनी छोटी जड़ों को तुरंत मिल जाते हैं।

3. इस ड्रेंचिंग से मिलने वाले सामूहिक लाभ

जब आप रोपाई के 5-7 दिन पर यह ड्रेंचिंग करते हैं, तो आपको अपनी फसल में ये 3 बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे:

  1. एकसमान विकास (Uniform Growth): पूरे खेत के पौधे एक साथ और एक बराबर गति से आगे बढ़ेंगे। कोई पौधा छोटा या बड़ा नहीं रहेगा, जिससे आगे चलकर कटाई भी एक साथ होगी।
  2. मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता: शुरुआत से ही संपूर्ण पोषण मिलने के कारण पौधों की छाल और कोशिकाएं मजबूत हो जाती हैं, जिससे शुरुआती कीटों (जैसे थ्रिप्स, एफिड्स) और फंगस का हमला कम होता है।
  3. फूल और हेड (पत्तियों का घेरा) का बेहतरीन बेस: गोभी में पत्तियों का घेरा जितना बड़ा होगा, पत्तागोभी का वजन उतना ज्यादा होगा और फूलगोभी का फूल उतना ही बड़ा और सफेद बनेगा। इस ड्रेंचिंग से पत्तियों का वही मजबूत घेरा (Frame) तैयार होता है।

ड्रेंचिंग की सही मात्रा (Dose)

  • बेरी 48 : 3 किलो प्रति एकड।
  • लिपमैन कोम्बी : 500 ग्राम प्रति प्रति एकड।

berry 48

 

lipman

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