5. पत्तागोभी और फूलगोभी 25 से 30 दिन की अवस्था

पत्तागोभी और फूलगोभी की फसल जब 25 से 30 दिन की अवस्था (शुरुआती वानस्पतिक विकास) में होती है, तो यह समय पौधों की जड़ों के विकास, पत्तों के फैलाव और आने वाले समय में अच्छी गोभी बनने का आधार तैयार करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है।

इस अवस्था में,

  1. डीपी-98 और किंगफोल जिंक 70 (छिड़काव):

इन दोनों को मिलाकर स्प्रे करने से पौधों को शुरुआती ताकत और सुरक्षा मिलती है।

  • फास्फोरस और जिंक का बेहतरीन कोम्बिनेशन: 25-30 दिन की अवस्था में पौधों को अपनी जड़ों का विकास करने और नई पत्तियां निकालने के लिए फास्फोरस और जिंक की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।
  • जड़ों का मजबूत विकास: यह पौधों की सफेद जड़ों (Root system) का विकास तेजी से करता है, जिससे पौधा जमीन से पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से सोख पाता है।
  • प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) में सुधार: जिंक क्लोरोफिल बनाने में मदद करता है। इसके छिड़काव से पत्तागोभी और फूलगोभी की पत्तियां गहरे हरे रंग की, चौड़ी और चमकदार बनती हैं, जिससे पौधा तेजी से अपना भोजन बनाता है।
  • पौधों की ग्रोथ में तेजी: यह पौधों में एन्जाईम को सक्रिय करता है, जिससे पौधों का बौनापन दूर होता है और वे एक समान गति से बढ़ते हैं।
  1. मार्क सोल्युशन – बोरोनेटेड कैल्शियम नाईट्रेट 

इसे आप मुख्य रूप से ड्रिप, ड्रेंचिंग या मिट्टी में देकर इस्तेमाल करते हैं। इसमें कैल्शियम, नाईट्रोजन और बोरान का सटीक मिश्रण होता है, जो गोभी वर्गीय फसलों के लिए एक वरदान की तरह है।

  • फूलगोभी में ‘ब्राउनिंग‘ और ‘हार्ट रॉट‘ से बचाव: बोरान की कमी से फूलगोभी का फूल कड़वा, भूरा या काला (Browning) होने लगता है और तना अंदर से खोखला (Hollow Stem) हो जाता है। यह ग्रेड फसल को इस गंभीर समस्या से पूरी तरह बचाता है।
  • पत्तागोभी को फटने (Cracking) से रोकना: कैल्शियम पौधों की कोशिका भित्ति (Cell walls) को मजबूत करता है। इससे पत्तागोभी का बंद (Head) ठोस बनता है और वह बीच से फटती नहीं है, जिससे बाजार में उसकी अच्छी कीमत मिलती है।
  • गुणवत्ता और वजन में बढ़ोतरी: नाईट्रोजन से पत्तों का आकार बढ़ता है, जबकि कैल्शियम और बोरान मिलकर फूलगोभी के फूल को एकदम सफेद, गठीला और वजनदार बनाते हैं।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता: इसके इस्तेमाल से पौधों का तना और पत्तियां मजबूत होती हैं, जिससे रसचूसक कीटों और फंगस की बीमारियों का हमला कम होता है।
  • ज्यादा दिनों तक ताजा रहना (Shelf Life): इस खाद के इस्तेमाल से कटी हुई गोभी मंडी ले जाते समय जल्दी खराब नहीं होती और लंबे समय तक ताजी बनी रहती है।

मात्रा :

स्प्रे:

  • डीपी 98: 2 मिली प्रति लीटर पानी
  • किंगफोल जिंक 70: 1 मिली प्रति लीटर पानी

       जमीन से :

  • मार्क सोल्युशन: 5 किलो प्रती एकड़

dp 98

zinc

marc

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