खीरे की फसल के 30वें दिन पर यह शेड्यूल मुख्य रूप से पौधे को ‘वानस्पतिक वृद्धि’ से निकालकर पूरी तरह से ‘फूल और फल विकास‘ में काम करता है।
इस चरण में फोलियर स्प्रे (छिड़कांव) और ड्रिप से यह अगर दिया जाये तो इससे:
- छिड़कांव:
- कैलमेक्स गोल्ड (कैल्शियम + अमीनो एसिड + मैग्नीशियम + सुक्ष्मपोषकतत्व):
- कैल्शियम और बोरान/ सुक्ष्म पोषक तत्व: कैल्शियम पौधे की नई कोशिकाओं और सेल वॉल (Cell Wall) को मजबूत करता है। खीरे में फूल और फल बनते समय यदि कैल्शियम की कमी हो जाए, तो ‘ब्लॉसम एंड रॉट’ (फूल या फल का पिछला हिस्सा सड़ना) की समस्या आती है।
- अमीनो एसिड: यह पत्तियों द्वारा तुरंत अवशोषित (Absorb) होकर पौधे को तनाव मुक्त करता है और परागण (Pollination) व फर्टिलाइजेशन में मदद करता है।
- मैग्नीशियम: पत्तियों में क्लोरोफिल की मात्रा बढ़ाकर प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) को तेज करता है, जिससे पौधे को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है।
- डीपी 98 (विशेष फास्फोरस आधारित पोषण – 6:37:17):
- यह पारंपरिक फास्फोरस से अलग होता है। यह पौधे के ज़ाइलम (Xylem) और फ्लोएम (Phloem) दोनों में तेजी से यात्रा करता है, जिससे यह तुरंत फूलों की कलियों तक ऊर्जा पहुँचाता है।
- ड्रिप के माध्यम से लाभ:
- मार्क सोल्युशन – बोरोनेटेड कैल्शियम नाईट्रेट
- कैल्शियम नाईट्रेट का असर: ड्रिप से देने पर यह सीधे जड़ों के पास पहुँचता है। नाईट्रोजन (नाईट्रेट फॉर्म में) जड़ों को हल्की और सुरक्षित ऊर्जा देती है, जबकि कैल्शियम जड़ों के विकास और तने को अंदर से मजबूत करता है।
- बोरान का महत्व: बोरान कैल्शियम का सबसे पक्का साथी है। बोरान के बिना कैल्शियम पौधे के उन हिस्सों तक नहीं पहुँच पाता जहाँ उसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है (जैसे नए फूल और फल)। यह परागण (Pollination) और परागकणों के अंकुरण में सीधा योगदान देता है।
मुख्य लाभ:
- फुलकली सड़न समस्या की रोकथाम (Prevention of Flower/Bud Rot):
- कारण: 30वें दिन जब पौधे पर अचानक भारी मात्रा में कलियां आती हैं, तो कैल्शियम की हल्की सी भी कमी होने पर फूल पीले-काले पड़कर या पीछे से सड़कर गिरने लगते हैं।
- लाभ: ड्रिप से दिया गया बोरोनेटेड कैल्शियम नाईट्रेट (मार्क सोल्युशन) और ऊपर से स्प्रे किया गया कैलमेक्स गोल्ड मिलकर पौधे में कैल्शियम और बोरान की कमी को पूरी तरह पूरा करते हैं। इससे फूलों के डंठल मजबूत रहते हैं और फुलकली सड़ने की समस्या जड़ से खत्म हो जाती है।
- बड़ी और ज्यादा मात्रा में फुलकली पायी जाती है:
- कारण: पौधे को इस अवस्था में सही मात्रा में फास्फोरस और सुक्ष्मपोषक तत्वों की आवश्यकता होती है।
- लाभ: ‘डीपी 98’ के फास्फोरस और कैलमेक्स गोल्ड के पोषक तत्वों के मेल से पौधे में अनगिनत नई कलियां फूटती हैं। बोरान और कैल्शियम की मौजूदगी से इन कलियों का आकार भी बड़ा, स्वस्थ और चमकीला होता है, कमजोर या छोटी कलियां बनने की संभावना खत्म हो जाती है।
- सैटिंग अच्छे से होती है:
- कारण: केवल फूल आना काफी नहीं है, मादा फूल का टिकना और उसका खीरे में बदलना सबसे जरूरी है।
- लाभ: बोरोनेटेड कैल्शियम नाईट्रेट (ड्रिप) और अमीनो एसिड-कैल्शियम (स्प्रे) के संयुक्त प्रभाव से परागण (Pollination) शत-प्रतिशत सफल होता है। फूल झड़ते नहीं हैं और मजबूती से खीरे (Fruit) में बदल जाते हैं, जिससे फसल की बम्पर पैदावार सुनिश्चित होती है।
मात्रा
- कैलमेक्स गोल्ड: 2 मिली प्रती लीटर पानी
- डीपी 98: 2 मिली प्रती लीटर पानी
- (इसके साथ अन्य कीटनाशक या फफूंदनाशक जरुरत के हिसाब से मिलाए)
ड्रिप से,
मार्क सोल्युशन: 3 किलो प्रती एकड़



