जामफल: वृध्दी एवं फुटन अवस्था

नई पत्तियों, शाखाओं की वृद्धि और नए बहार (फूल/फल) के लिए कैल्शियम, बोरान, फास्फोरस और जिंक की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। ये सभी पोषकतत्व पौधों के ज्यादातर शारिरीक क्रियाओं में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेते हैं।

पौधे में नई पत्तियाँ, शाखाओं का विकास या फूल कम आना,  ऐसी अनेक समस्यांओं का कारण पोषततत्वों की कमी हो सकती है।

  1. फास्फोरस (Phosphorus – P) – ऊर्जा और जड़ों का खजाना

यह तत्व पौधे के संपूर्ण ऊर्जा चक्र (एटीपी) के लिए सबसे जरूरी है।

  • जड़ विकास: फास्फोरस नई और मजबूत जड़ों के विकास में मदद करता है। अगर जड़ें मजबूत होंगी, तो पौधा ज्यादा पत्तियां और शाखाएं निकालेगा।
  • बहार (फूल और फल): यह कलियों के निर्माण, कुसुमीत (फूल खिलना) और फल बनने की प्रक्रिया को शीघ्र गती देता है। “नए बहार” के लिए यह सबसे जरूरी तत्व है।
  • कमी के लक्षण: पत्तियां बैंगनी या गहरे हरे रंग की होना, पौधे की ग्रोथ का रुक जाना, फूल कम आना।
  1. जिंक (Zinc – Zn) – वृद्धि हार्मोन का संचालक

जिंक पौधे में औक्सिन (Auxin) नामक ग्रोथ हार्मोन बनाने में मदद करता है।

  • इंटरनोड लंबाई: यह शाखाओं पर दो गांठों के बीच की दूरी (इंटरनोड) को बढ़ाने में सहाय्यक है । जिससे शाखाएं लंबी होती हैं और पौधा जरुरी फैलाव पा सकता है।
  • पत्ती का आकार: नई पत्तियों के सामान्य आकार और हरेपन के लिए जिंक बेहद जरूरी है।
  • कमी के लक्षण: पत्तियों का छोटा साईज, पत्तियों पर पीले धब्बे आना, शाखाओं का बौनापन।
  1. कैल्शियम (Calcium – Ca) – कोशिका भित्ति का निर्माता

कैल्शियम पौधे की कोशिका भित्ति (Cell Wall) को मजबूती देता है।

  • नई कोशिकाओं का निर्माण: जब पौधा नई पत्तियां और शाखाएं निकालता है, तो उसे नई कोशिकाएं बनानी पड़ती हैं। कैल्शियम इन नई कोशिकाओं के विभाजन और निर्माण में सबसे आगे रहता है।
  • वृद्धि बिंदु की सुरक्षा: यह तना और जड़ों के बढ़ते सिरे (मेरिस्टेम) को स्वस्थ रखता है। इसकी कमी से नई शाखाओं के बढ़ने की जगह (ग्रोथ पॉइंट) खराब हो जाते हैं।
  • कमी के लक्षण: नई पत्तियों का मुड़ना या टेढ़ा होना, शाखाओं का उपरी सिरा (कली) सड़ जाना या मर जाना।
  1. बोरान (Boron – B) – परागण और पोषकतत्वों की आवाजाही

बोरान एक सूक्ष्मपोषकतत्व है, लेकिन इसकी भूमिका सबसे अहम होती है।

  • फूल और फल सेट: बोरान परागण (Pollination) और बीज निर्माण के लिए अनिवार्य है। यह पराग नलिका (Pollen Tube) को बढ़ने में मदद करता है, जिससे फूल…फल में परावर्तीत होता हैं । नए बहार के लिए यह बहुत जरूरी है।
  • कैल्शियम का उपयोग: यह पौधे के भीतर शर्करा (Sugar) और कैल्शियम को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में मदद करता है।
  • कमी के लक्षण: फूलों का झड़ना, फल का खोखला रह जाना, नई पत्तियों का भंगुर (आसानी से टूटना) होना, तने की बढ़त रुकना।

 

स्प्रे

  • डीपी – 98 : 2 मिली प्रती लीटर पानी ( 6:37:17 N:P:K)
  • किंगफोल जिंक 70: 0.5 मिली प्रती लीटर पानी

(साथ ही इसमें एमिनो एसिड भी मिला सकते हैं।)

जमीन से:

  • हेनीग सोल्युशन: 4 किलो प्रती एकड़

4-5 दिन बाद

  • मार्क सोल्युशन: 4 किलो प्रती एकड़
  • marc
  • dp 98

zinc

henning

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