गेंदे की रोपाई के 20वें दिन हेनीग सोल्युशन (NPK 11:44:11) और लिपमैन कोम्बी (सुक्ष्मपोषकतत्व) की ड्रेंचिंग पौधों के शारीरिक विकास, शाखाओं में भारी फुटाव और पीलापन दूर करने के लिए अत्यंत प्रभावकारी कोम्बिनेशन है।
हेनीग सोल्युशन (NPK 11:44:11):
- सफेद जड़ों का तीव्र विकास (44% फास्फोरस): 20 दिन की अवस्था में पौधे का प्राथमिक जड़ तंत्र तैयार हो चुका होता है। उच्च फास्फोरस जड़ों के विस्तार को तेज करता है, जिससे सफेद (फीडर) जड़ों का जाल बनता है। जितनी अधिक सफेद जड़ें होंगी, पौधा मिट्टी से पानी और पोषक तत्वों को उतनी ही तेजी से अवशोषित करेगा।
- नए कल्लों और पार्श्व शाखाओं का फुटाव: फास्फोरस और संतुलित नाईट्रोजन (11%) मिलकर पौधे की सुप्त कलिकाओं (dormant buds) को सक्रिय करते हैं। इससे मुख्य तने के निचले हिस्से से अधिक संख्या में नई पार्श्व शाखाएं (side branches) निकलती हैं, जिससे पौधा झाड़ीदार बनता है।
- तनों की मजबूती (11% पोटाश): पोटाश तनों के ऊतकों को मजबूत बनाता है, जिससे पौधा आने वाले समय में अधिक शाखाओं और भारी फूलों का वजन सहने में सक्षम होता है।
लिपमैन कोम्बी (सुक्ष्मपोषकतत्व) के लाभ
- पीलापन दूर करना और क्लोरोफिल निर्माण: लिपमैन कोम्बी में मौजूद आयरन (Fe), जिंक (Zn) और मैन्गेनीज (Mn) पत्तियों में क्लोरोफिल के संश्लेषण में मुख्य भूमिका निभाते हैं। यह नई पत्तियों के पीलेपन को तुरंत दूर कर उन्हें गहरा हरा बनाता है।
- एंन्जाईम एक्टिवेशन एवं प्रकाश संश्लेषण: सुक्ष्मपोषकतत्व पौधों के आंतरिक एंन्जाईमों को सक्रिय करते हैं। इससे पौधे की प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की दर तेज होती है और पौधा अपनी खुराक तेजी से बनाता है।
- शाखाओं और पत्तियों का सही आकार: बोरान (B) और जिंक (Zn) कोशिका विभाजन (Cell Division) को बढ़ावा देते हैं, जिससे पत्तियों का आकार चौड़ा होता है और नई शाखाएं बिना मुड़े या मुझाए तेजी से बढ़ती हैं।
उपयोग की सही मात्रा
- हेनीग सोल्युशन: 3 किलो प्रती एकड़
- लिपमैन कोम्बी: 250 ग्राम प्रती एकड़
सर्वोत्तम परिणाम के लिए विशेष सुझाव:
- पिंचिंग (Pinching): ड्रेंचिंग करने के 3 से 4 दिन बाद (जब पौधा 23-25 दिन का हो जाए), पौधे के सबसे ऊपरी भाग को उंगली से तोड़ दें। ड्रेंचिंग द्वारा जड़ों को मिली ऊर्जा सीधे ऊपर न जाकर 8 से 10 नई साइड शाखाएं (कल्ले) बाहर निकालेगी।
- मिट्टी में नमी: ड्रेंचिंग हमेशा खेत में हल्की नमी होने पर ही सुबह या शाम के समय करें। ड्रेंचिंग के तुरंत बाद भारी सिंचाई न करें।


