गेंदे में पहली ड्रेंचिंग और छिड़कांव में यह जरुर डाले..

गेंदे की फ़सल में रोपाई के बाद 5 से 10 दिनों का समय पौधों की नींव मजबूत करने का होता है। इस चरण में पौध अगर सही तरीके से जड़ पकड़ ले और उसमें प्राथमिक विकास शुरू हो जाए, तो आगे चलकर पौधों में शाखाएं (कल्ले) अधिक आती हैं और फूल बड़े व चमकदार बनते हैं।

इसके लिए

1. ड्रेंचिंग (जड़ों में घोल देना)

उत्पाद: बेरी 48 (NPK 14:48:00 + मैग्नीशियम)

समय: रोपाई के 5 से 7वें दिन के बीच

  • पौधे के लिए कार्य:
    • फास्फोरस (48%): इस अवस्था में पौधे को सबसे ज्यादा फास्फोरस की आवश्यकता होती है। यह नई और सफेद जड़ों का तेजी से जाल बिछाने में मदद करता है।
    • नाइट्रोजन (14%): पौधे को शुरुआती वानस्पतिक वृद्धि और सहारा देता है।
    • मैग्नीशियम (Mg): पत्तियों में क्लोरोफिल (हरापन) बनाने में मदद करता है, जिससे पौधा प्रकाश संश्लेषण (भोजन बनाने की प्रक्रिया) तेजी से शुरू कर पाता है।
  • उपयोग का तरीका:
    • बेरी 48: 2 किलो को 200 लीटर पानी में अच्छी तरह घोलें।
    • प्रत्येक पौधे की जड़ के पास 50 ml घोल कप या मग की मदद से ढाले।

2. छिड़काव

उत्पाद: बायो 20 + किंगफोल जिंक 70

समय: रोपाई के 8 से 10वें दिन के बीच

  • पौधे के लिए कार्य:
    • बायो 20 (NPK 20:20:20 + सुक्ष्मपोषकतत्व + औक्सिन + साइटोकिनिन + सीवीड):
      • औक्सिन और साइटोकिनिन (प्लांट हार्मोन्स): ये हार्मोन्स पौधे की सुप्त कोशिकाओं को सक्रिय करते हैं, जिससे तने के जोड़ों से नए कल्ले और शाखाएं (फुटाव) फूटती हैं।
      • सीवीड (समुद्री शैवाल का अर्क): यह पौधे के तनाव को दूर करता है और पोषण सोखने की क्षमता बढ़ाता है।
      • NPK 20:20:20 और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स: पौधे को संतुलित आहार देकर पत्तियों को चौड़ा और गहरा हरा बनाते हैं।
    • किंगफोल जिंक 70 :
      • जिंक पौधे में ‘ट्रिप्टोफैन’ (एक एमिनो एसिड) बनाता है जो प्राकृतिक ग्रोथ हार्मोन पैदा करने के लिए जरूरी है।
      • यह पत्तियों के पीलेपन को खत्म कर पौधे को तुरंत गहरा हरा रंग देता है और शाखाओं को मजबूत बनाता है।
    • उपयोग की मात्रा (प्रति 15 लीटर स्प्रे टैंक):
      • बायो 20: 30 से 35 ml
      • किंगफोल जिंक 70: 10 से 15 ml या ग्राम

स्प्रे और ड्रेंचिंग के लिए महत्वपूर्ण सावधानियां

  • घोल बनाने का तरीका: बायो 20 और किंगफोल जिंक को स्प्रे टैंक में डालने से पहले अलग-अलग छोटी बाल्टी में पानी मिलाकर घोल लें, फिर टंकी में डालें।
  • खेत में नमी: जब भी ड्रेंचिंग या छिड़काव करें, तो मिट्टी में पर्याप्त नमी (गीलापन) होनी चाहिए। सूखी मिट्टी में स्प्रे करने से पत्तियों पर जलन हो सकती है।
  • चिपकने वाला पदार्थ (सिलिकॉन स्टिकर): छिड़काव वाले घोल में 5 ml प्रति 15 लीटर टंकी सिलिकॉन स्टिकर अवश्य मिलाएं, ताकि दवा पत्तियों पर अच्छी तरह फैलकर चिपक जाए।

bio 20

zinc

berry 48

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