गेंदा फसल 55 दिन की अवस्था: बोरोनेटेड कैल्शियम नाईट्रेट के फायदे

गेंदे की फसल जब 55 दिन की अवस्था में होती है, तो यह समय पौधे के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस चरण में पौधे तेजी से बढ़वार, कलियों के निर्माण और फूलों के विकास (Flowering & Bud Formation Stage) की अवस्था से गुजर रहे होते हैं।

इस समय ड्रिप सिंचाई के माध्यम से मार्क सोल्युशन याने बोरोनेटेड कैल्शियम नाईट्रेट का उपयोग करना गेंदे की फसल के लिए फायदेमंद है। इसके मुख्य फायदे नीचे विस्तार से दिए गए हैं:

  1. फूलों की संख्या में वृद्धि और झड़ने से बचाव
  • बोरान की भूमिका: बोरान पौधों में शर्करा (Sugars) और हार्मोन्स के परिवहन में मदद करता है तथा परागण (Pollination) प्रक्रिया को सुधारता है।
  • फायदा: 55 दिन के आसपास गेंदे में कलियां बनने लगती हैं। बोरान होने के कारण कलियों का विकास तेजी से होता है और “फूल व कलियों के झड़ने” की समस्या पर रोक लगती है।
  1. मजबूत तना और शाखाओं का विकास
  • कैल्शियम और नाईट्रेट नाईट्रोजन: कैल्शियम पौधे की कोशिकाओं की दीवारों (Cell Walls) को मजबूत बनाता है, जिससे पौधे का ढांचा मजबूत होता है। नाईट्रेट नाईट्रोजन पौधे को तुरंत ऊर्जा और ऊर्जावान हरापन प्रदान करती है।
  • फायदा: गेंदे का पौधा भारी मात्रा में फूल देने के लिए तैयार होता है, ऐसे में मजबूत तना होने के कारण पौधे भारी वजन से झुकते या गिरते नहीं हैं। साथ ही, अधिक शाखाएं (Branches) निकलती हैं जिनपर ज़्यादा फूल आते हैं।
  1. फूलों की गुणवत्ता, चमक और आकार में सुधार
  • फायदा: इस खाद के उपयोग से गेंदे के फूलों का आकार बड़ा होता है, उनका रंग अधिक चमकीला और आकर्षक बनता है। फूल लंबे समय तक ताज़ा बने रहते हैं, जिससे बाजार में पैदावार की क्वालिटी बेहतरीन मिलती है और उचित दाम मिलते हैं।
  1. जड़ों का विकास और पोषकतत्वों का अवशोषण
  • फायदा: ड्रिप के जरिए देने से यह जड़ क्षेत्र (Root Zone) में सीधे और समान रूप से पहुंचता है। यह नई जड़ों के विकास में मदद करता है, जिससे मिट्टी में मौजूद अन्य पोषकतत्व (जैसे फास्फोरस और पोटाश) और पानी को पौधा तेजी से ग्रहण कर पाता है।
  1. बीमारियों और पर्यावरणीय तनाव से सहनशीलता
  • फायदा: कैल्शियम पौधे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है, जिससे मौसम में बदलाव या फंगस जैसी समस्याओं से फसल का बचाव होता है।

मात्रा और सावधानी:

  • मार्क सोल्युशन: 5 किलो प्रति एकड़
  • महत्वपूर्ण सावधानी: कैल्शियम नाईट्रेट को कभी भी फॉस्फेट या सल्फेट युक्त उर्वरकों (जैसे 19:19:19 या अमोनियम सल्फेट आदि) के साथ मिलाकर ड्रिप में न चलाएं, वरना यह आपस में प्रतिक्रिया करके जम सकता है।

marc

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