गेंदा की फसल जब 40 दिन की होती है, तब वह अपनी शाकीय वृद्धि (Vegetative Growth) पूरी कर कलियों और फूलों के विकास (Flowering Stage) की ओर बढ़ रही होती है। इस समय पौधों को फास्फोरस, पोटाश, जिंक, कैल्शियम और बोरान की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।
तो इसके लिए,
1. छिड़काव
डीपी 98 (NPK 6:37:17)
यह एक उच्च फास्फोरस (37%) और मध्यम पोटाश (17%) वाला तरल उर्वरक है।
- कलियों का निर्माण: 37% फास्फोरस पौधे में अधिक से अधिक नई कलियाँ बनाने में मदद करता है।
- मजबूत जड़े: पौधों की जड़ों की पकड़ और फैलाव को और मजबूत बनाता है।
- फूलों की चमक व आकार: 17% पोटाश फूलों के आकार, पंखुड़ियों के रंग और चमक को बढ़ाता है।
- शाखाओं का विकास: 6% नाईट्रोजन पौधे को हरा-भरा बनाए रखता है और नई शाखाएँ निकालने में मदद करता है।
किंगफोल जिंक 70 (Zinc)
यह उच्च सांद्रता वाला जिंक सुक्ष्मपोषक तत्व है।
- एन्जाइम एक्टिवेशन: जिंक पौधे में औक्सिन हार्मोन के निर्माण को उत्प्रेरित करता है, जिससे पौधे की ऊंचाई और शाखाओं की लंबाई सही बढ़ती है।
- पीलेपन से बचाव: पत्तियों में क्लोरोफिल का निर्माण बढ़ाकर पौधे को हरा-भरा रखता है।
- फूलों का झड़ना रोकना: जिंक की कमी से कलियाँ समय से पहले झड़ती हैं, यह स्प्रे उसे रोकता है।
2. ड्रिप
मार्क सोल्युशन (बोरोनेटेड कैल्शियम नाईट्रेट)
जड़ों के माध्यम से कैल्शियम, बोरान और नाईट्रेट नाईट्रोजन देने का यह सबसे असरदार जरिया है।
- फूलों की टिकाऊ क्षमता: कैल्शियम कोशिका दीवारों (Cell Walls) को मजबूत करता है, जिससे फूल टूटने के बाद भी कई दिनों तक ताजे रहते हैं और मंडी ले जाते समय खराब नहीं होते।
- फूलों का फटना रोकना: बोरान कलियों और फूलों के परागण (Pollination) में मदद करता है। यह फूलों के केंद्र से फटने (Flower Splitting) की समस्या को पूरी तरह से रोकता है।
- पोषक तत्वों का अवशोषण: कैल्शियम और बोरान मिलकर पौधे की जड़ों द्वारा पानी और अन्य खाद को खींचने की क्षमता को बढ़ाते हैं।
- त्वरित विकास: इसमें मौजूद नाईट्रेट नाईट्रोजन जड़ों द्वारा तुरंत अवशोषित हो जाती है, जिससे पौधे को तुरंत ऊर्जा मिलती है।
3. उपयोग की सही मात्रा
छिड़काव
- डीपी 98: 2 मिली प्रती लीटर पानी
- किंगफोल जिंक : 1 मिली प्रती लीटर पानी
(छिड़काव में जरुरत के हिसाब से कीटनाशक या फफूंदनाशक मिला सकते है।)
ड्रिप:
- मार्क सोल्युशन : 5 किलो प्रती एकड़
सुझाव
- पानी की मात्रा: अनुशासित मात्रा (Dosage) का ही प्रयोग करें, अत्यधिक मात्रा से पत्तियों के किनारों पर जलन (Burnings) आ सकती है।



