गेंदे की रोपाई के 15वें दिन पौधों की जड़ें स्थापित हो चुकी होती हैं। इस समय अल्बर्ट सोल्युशन (NPK 10:09:16 + 13% Ca + Mg + S + Micronutrients) की ड्रेंचिंग करने से पौधे को वानस्पतिक वृद्धि, नई शाखाओं (कल्लों) के फुटाव और गहरे हरेपन के लिए आवश्यक सभी प्राथमिक, द्वितीय और सुक्ष्मपोषकतत्व एक साथ मिल जाते हैं।
इस अवस्था में अल्बर्ट सोल्युशन की ड्रेंचिंग से होने वाले प्रमुख लाभ:
- जड़ निर्माण : घोल में मौजूद फास्फोरस (09%) और कैल्शियम (13%) सफेद जड़ों का जाल फैलाने में मदद करते हैं। मजबूत जड़ें मिट्टी से पानी और अन्य पोषक तत्वों को सोखने की क्षमता बढ़ाती हैं।
- अधिक फुटाव और कल्ले निकलना : नाईट्रोजन (10%) और सुक्ष्मपोषकतत्व पौधे के कोशिका विभाजन को तेज करते हैं। इससे मुख्य तने के साथ-साथ नीचे से नई पार्श्व शाखाएं (कल्ले) तेजी से निकलती हैं, जिससे पौधा घना और झाड़ीदार बनता है।
- गहरा हरापन और प्रकाश संश्लेषण: मैग्नीशियम (Mg) और सल्फर (S) पत्तियों में क्लोरोफिल के निर्माण के मुख्य घटक हैं। ड्रेंचिंग के बाद पत्तियां मोटी, चौड़ी और गहरे हरे रंग की हो जाती हैं, जिससे पौधा अधिक सूर्य के प्रकाश से भोजन (प्रकाश संश्लेषण) बना पाता है।
- मजबूत तना और रोग प्रतिरोधक क्षमता: 13% कैल्शियम और पोटाश (16%) पौधे की कोशिका भित्ति को मजबूत बनाते हैं। इससे पौधे का तना मोटा होता है, पौधा झुकता नहीं है और शुरुआती कीट व फंगल बीमारियों के प्रति सहनशीलता बढ़ती है।
मात्रा:
- अल्बर्ट सोल्युशन: 3 किलो प्रती एकड़
(इसके साथ ह्यूमिक एसिड या मायकोरायझा पहली ड्रेंचिंग के हिसाब बदल के ले सकते है।)

