पोषकतत्व प्रबंधन:
- पिछले बहार के फलों की कटाई के बाद, हर पेड़ को 20-25 किलो गोबर + 2 किलो वर्मी कम्पोस्ट + 2 किलो निम केक या फिर 7.5 किलो पूरी तरह से तैयार मुर्गी खाद + 2 किलो निम केक देना चाहिए।
- दानेदार खाद में, 250 ग्राम यूरिया; 1.25 किलो सिंगल सुपर फास्फ़ेट; 250 ग्राम म्यूरेट ओफ पोटाश प्रती पौधा देना चाहिए और फिर हल्का पानी देना चाहिए। पौधे को रेस्ट पीरियड (विश्राम काल) जरुर देना चाहिए।
(डोज पहले और रेस्ट पीरियड के बाद भी दे सकते है लेकिन पहले देना अधिक फायदेमंद रहता है।)
- मौसम और पौधे के टाईप के हिसाब से, हफ़्ते में एक या दो बार हल्का पानी देना चाहिए। पानी या सिंचाई की मात्रा इतनी होनी चाहिए कि पौधे से पोषकतत्व सोख लिए जाएं।
- ऊपर दिए गए बेसल डोज के बाद आप 20-30 दिन बाद अजोस्पिरिलम/ अस्परजिलस नायजर / ट्रायकोडरमा या अन्य जैविक कीटनाशक या फफुंदनाशक का प्रयोग करे।
जमीन से 2-3 बार
- अल्बर्ट सोल्युशन: 4 किलो प्रती एकड़
स्प्रे:
- ओनिल: 5 ग्राम प्रती लीटर पानी
- लिपमैन कोम्बी- 1.5 ग्राम प्रती लीटर पानी या माईक्रोमैक्स-1 मिली प्रती लीटर पानी



