दुसरे बेसल डोज के साथ क्या देना चाहिए..

धान की फसल जब 40 से 50 दिन की अवस्था में होती है, तो यह पौधे के जीवन का सबसे निर्णायक समय होता है। इस चरण में पौधा कल्लों (Tillers) की संख्या पूरी करता है और अंदर ही अंदर बालियों (Panicles) के निर्माण की तैयारी शुरू करता है।

तो इसके लिए जमीन से अल्बर्ट सोल्युशन और हेनीग सोल्युशन देना और छिड़काव से लिबीग (6:24:36) देना बहुत ही फायदेमंद है:

  1. जमीन से देने वाला भाग: अल्बर्ट सोल्युशन + हेनीग सोल्युशन

40-50 दिन की धान में जब आप यूरिया या कोई अन्य दाणेदार खाद खेत में दे रहे हों, तब उसके साथ इन दोनों को मिलाकर जमीन में देना बेहद फायदेमंद होता है।

  • अल्बर्ट सोल्युशन (10:9:16 + 13% Ca + मैग्नीशियम + सल्फर + सुक्ष्मपोषकतत्व):
    • यह क्या काम करता है: इसमें नाइट्रोजन और पोटाश के साथ-साथ कैल्शियम (Ca) पौधे की कोशिकाओं को मजबूत करता है ताकि तना गिरे नहीं; मैग्नीशियम (Mg) पत्तियों में हरापन (क्लोरोफिल) बनाकर भोजन बनाने की रफ्तार तेज करता है; और सल्फर व सुक्ष्मतत्व छिपी हुई कमियों को दूर कर पौधे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
  • हेनीग सोल्युशन (NPK 11:44:11):
    • यह क्या काम करता है: इसमें 44% फास्फोरस होता है। फास्फोरस का मुख्य काम जड़ प्रणाली (Root System) को मजबूत करना और उसका दायरा बढ़ाना है। जब जमीन में फास्फोरस और पोटाश मिलता है, तो पौधे को जमीन से ऊर्जा मिलती है जिससे एक साथ कई सारे मजबूत कल्ले निकलते हैं।
  • खेत में देने का तरीका:
    • जब आप यूरिया की टॉप-ड्रेसिंग (ऊपरी खाद) कर रहे हों, तो प्रति एकड़ के हिसाब से अल्बर्ट सोल्युशन (लगभग 2 किलो) और हेनीग सोल्युशन (लगभग 2 किलो) को यूरिया या सूखी मिट्टी/रेत में अच्छी तरह मिला लें।
    • इसे खेत में तब बिखेरें जब खेत में पर्याप्त नमी (वत्तर) हो, ताकि दानेदार खाद और ये सॉल्ट्स तुरंत पिघलकर जड़ों तक पहुंच जाएं।
  1. छिड़काव (Foliar Spray) वाला भाग: लिबीग (6:24:36)

जमीन में खाद देने के ठीक बाद (यानी जब फसल लगभग 47 से 50 दिन की हो जाए, पत्तियों पर लिबीग का स्प्रे करना चाहिए।

  • लिबीग (NPK 6:24:36 + मैग्नीशियम + सुक्ष्मपोषकतत्व):
    • यह क्या काम करता है: इसमें 36% पोटाश (K) और 24% फास्फोरस (P) होता है, साथ ही मैग्नीशियम और सुक्ष्मपोषकतत्व होते हैं।
    • पोटाश पौधे के अंदर पानी और पोषक तत्वों के परिवहन (Translocation) को नियंत्रित करता है। यह तने को मोटा और कड़ा बनाता है, जिससे तेज हवा चलने पर धान की फसल गिरती नहीं (“लॉजिंग” से बचाव होता है)। सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह आने वाली बालियों की लंबाई बढ़ाता है और दानों को वजनदार और चमकदार बनाता है।
  • छिड़काव का तरीका:
    • लगभग 1 किलोग्राम लिबीग को 200 लीटर साफ पानी में अच्छी तरह घोल लें।
    • इस घोल का छिड़काव प्रति एकड़ के हिसाब से समूचे खेत में समान रूप से करें।

मात्रा:

दानेदार खाद के साथ

  • अल्बर्ट सोल्युशन: 2 किलो प्रती एकड़
  • हेनीग सोल्युशन: 2 किलो प्रती एकड़

छिड़काव से,

लिबीग: 5 ग्राम प्रति लीटर पानी

alburt

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lebieg

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