मजबूत जड़ और तने के विकास लिए केले में 10वें दिन का मैनेजमेंट

केले की फसल में रोपाई के बाद 10वें दिन दी जाने वाली यह ड्रेंचिंग खुराक पौधे की शुरुआती स्थापना, वृद्धि और सुरक्षा के लिए बहुत ही प्रभावी है।

इससे जड़, नए पत्तों के विकास और तने पर यह बहुत ही कारगर है:

  1. बेरी 48 ( IPE Technology युक्त 14:48:00 )
  • जड़ पर काम: इसमें फास्फोरस की मात्रा सबसे अधिक (लगभग 48%) होती है। फास्फोरस को ‘रूट डेवलपर’ कहा जाता है। यह नई और प्राथमिक जड़ों को तेजी से फैलाने, उन्हें मजबूत करने और मिट्टी के अंदर गहराई तक जाने में मदद करता है।
  • तने और नए पत्तों पर काम: इसमें मौजूद नाईट्रोजन (14%) और अन्य माइक्रोन्यूट्रिएंट्स शुरुआती अवस्था में पौधे को ऊर्जा देते हैं, जिससे तना मजबूत होता है और आने वाले नए पत्ते स्वस्थ व चौड़े निकलते हैं।

IPE तकनीक (Increase Phosphate Efficiency Technology) युक्त 14:48:00

  • फास्फोरस कार्यक्षमता बढ़ाना: आम तौर पर मिट्टी में डाला जाने वाला फास्फोरस मिट्टी में मौजूद अन्य तत्वों (जैसे कैल्शियम या आयरन) के साथ मिलकर अघुलनशील (Lock) हो जाता है, जिससे पौधा उसे पूरी तरह ले नहीं पाता।
  • कार्य करने का तरीका: यह विकसित IPE तकनीक एक विशेष तकनीक है, जो फास्फोरस को मिट्टी में बंधने से रोकती है। यह फास्फोरस को लंबे समय तक घुलनशील और पौधे की जड़ों के लिए उपलब्ध (Available) बनाए रखती है।
  • फायदा: इससे कम मात्रा में खाद डालने पर भी पौधे को भरपूर फास्फोरस मिलता है, जड़ें तेजी से फैलती हैं और खाद की बर्बादी रुकती है।
  • इसके लावा जमीन में पहले से फिक्स फास्फोरस भी तेजी से मिलता है
  1. ह्यूमिक एसिड
  • जड़ पर काम: ह्यूमिक एसिड एक बेहतरीन ऑर्गेनिक बूस्टर है। यह मिट्टी को भुरभुरी बनाता है, जड़ों के आसपास के क्षेत्र (Rhizosphere) में मित्र सूक्ष्मजीवों को बढ़ाता है और जड़ों द्वारा खाद तथा पानी के अवशोषण (Absorption) की क्षमता को कई गुना बढ़ा देता है।
  • तने और नए पत्तों पर काम: यह पौधे में तनाव सहन करने की शक्ति विकसित करता है। इससे केले के पौधे का तना (Pseudostem) मोटा और ठोस बनता है तथा क्लोरोफिल की मात्रा बढ़ने से नए पत्ते गहरे हरे रंग के और तेजी से निकलते हैं।
  1. थायमेथोक्साम 30% एफएस
  • सुरक्षात्मक कार्य (जड़ और तना): यह एक प्रभावी सिस्टमिक कीटनाशक है। रोपाई के शुरुआती दिनों में पौधों की जड़ें और नया तना बहुत कोमल होता है, जिसपर दीमक, माहू (Aphids), थ्रिप्स या शुरुआती भूमि जनित कीटों का खतरा रहता है।
  • विकास पर अप्रत्यक्ष प्रभाव: यह कीटनाशक पौधे के अंदर फैलकर शुरुआती कीटों से पूर्ण सुरक्षा प्रदान करता है। जब पौधे को कीटों से कोई नुकसान नहीं पहुँचता, तो उसकी ऊर्जा केवल विकास में लगती है जिससे तना बिना किसी रुकावट के बढ़ता है और नए पत्ते सुरक्षित व सुंदर निकलते हैं।

मात्रा: प्रति 200 लीटर पानी और 1000 पौधे के लिए

  • पानी: 200 लीटर (1000 पौधों के लिए, यानी प्रति पौधे लगभग 200 मिली घोल)
  1. बेरी 48 : 2 किलोग्राम
  2. ह्यूमिक एसिड: 250 ग्राम
  3. थियामेथोक्सम 30% एफ.एस : 250 मिली (जरुरत के अनुसार)
    • (यह शुरुआती कीटों जैसे की गोबर कीड़ा और दीमक से सुरक्षा के लिए कीटनाशक है)

berry 48

Hi
Share

Leave a Comment