बैंगन की फसल में रोपाई के 16 से 40 दिन का समय पौधे की मजबूत ढांचा तैयार करने का सबसे खास समय होता है। इस दौरान आपके द्वारा बताए गए ये दोनों स्प्रे बैंगन के संपूर्ण विकास, हरापन, तने की मजबूती और बंपर फूल लाने के लिए एक परफेक्ट कोम्बिनेशन हैं।
आइए इन दोनों स्प्रे के फायदों को विस्तार से समझते हैं:
** पहला स्प्रे: वानस्पतिक विकास और हरापन
घटक: बायो 20 (NPK 20:20:20 + सुक्ष्मपोषकतत्व + सीवीड + हार्मोन्स) + लिपमैन कोम्बी (सुक्ष्मपोषकतत्व)
इस स्प्रे का मुख्य काम पौधे को शुरुआती झटके (Transplant shock) से पूरी तरह बाहर निकालकर उसकी तेज वानस्पतिक वृद्धि (Vegetative Growth) करना है।
- संपूर्ण विकास: बायो 20 में मौजूद 20:20:20 का संतुलित NPK अनुपात पौधे को एक साथ नाईट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश देता है, जिससे पौधे की ऊंचाई और फैलाव एक समान गति से होता है।
- गहरा हरापन: लिपमैन कोम्बी (माइक्रोन्यूट्रिएंट्स) और सीवीड के कारण पत्तियों में क्लोरोफिल का निर्माण तेज होता है। इससे बैंगन की पत्तियां चमकदार और गहरे हरे रंग की हो जाती हैं, जिससे प्रकाश संश्लेषण (भोजन बनाने की प्रक्रिया) तेज होता है।
- जड़ों का विकास और तनावमुक्ति (Root Development): बायो 20 में मौजूद सीवीड (समुद्री शैवाल) और प्राकृतिक हार्मोन्स नई सफेद जड़ों के विकास को बढ़ावा देते हैं और पौधे को मौसम के उतार-चढ़ाव वाले तनाव से बचाते हैं।
मात्रा:
- बायो 20: 2 मिली प्रती लीटर पानी
- लिपमैन कोम्बी: 1.5 ग्राम प्रती लीटर पानी
** दूसरा स्प्रे: शाखाओं का फुटाव, मजबूती और फूल की तैयारी
घटक: डीपी 98 (NPK 6:37:17) + किंगफोल जिंक 70 (जिंक)
पहला स्प्रे पौधे का ढांचा बनाता है, जबकि यह दूसरा स्प्रे उस ढांचे को मजबूत करके उसे फूल और फल धारण करने के लिए तैयार करता है।
- शाखाओं का फुटाव और पत्तों की चौड़ाई: किंगफोल जिंक 70 में मौजूद जिंक पौधे में ‘औक्सिन’ (Auxin) हार्मोन के निर्माण में मदद करता है। इससे बैंगन में नई शाखाएं (कल्ले) तेजी से फूटती हैं और पत्तों का आकार व चौड़ाई बढ़ती है, जिससे पौधा घना और झाड़ीनुमा (Bushy) हो जाता है।
- फास्फोरस से जड़ों और तने की मजबूती: डीपी 98 में 37% फास्फोरस होता है। यह फास्फोरस जड़ों के जाल को और गहरा करता है तथा बैंगन के तने (Stem) को मोटा व ठोस बनाता है, ताकि आगे चलकर वह अनगिनत फलों का भारी वजन आसानी से सह सके।
- फूल निकलने में मदद (Flower Initiation): डीपी 98 में मौजूद उच्च फास्फोरस और पोटाश (17%) पौधे की आंतरिक ऊर्जा को बढ़ाते हैं और उसे प्रजनन अवस्था (Flowering stage) की ओर ले जाते हैं। इससे बैंगन में समय पर स्वस्थ फूल निकलते हैं और फूलों के झड़ने की समस्या काफी हद तक कम हो जाती है।
मात्रा:
- डीपी 98 : 2 मिली प्रती लीटर पानी
- किंगफोल जिंक 70: 0.5 मिली प्रती लीटर पानी
महत्वपूर्ण टिप: बेहतरीन परिणामों के लिए पहले स्प्रे और दूसरे स्प्रे के बीच 7 से 8 दिन का अंतर रखें। स्प्रे हमेशा सुबह जल्दी या शाम के समय करें, जब धूप तेज न हो, ताकि पत्तियां पूरी तरह से दवा को सोख सकें।




