7. पत्तागोभी और फूलगोभी: 45-50 दिन की अवस्था

पत्तागोभी और फूलगोभी की रोपाई के 45-50 दिन की अवस्था बहुत ही संवेदनशील और महत्वपूर्ण होती है। इस समय पत्तागोभी में गठान / गड्डा (Head formation) और फूलगोभी में फूल (Curd formation) बनने की शुरुआत होती है।

  1. छिड़काव: फोर्टीफ़ाय + मायक्रोमैक्स

जब आप पत्तागोभी और फूलगोभी पर फोर्टीफ़ाय (2 मिली/लीटर) और मायक्रोमैक्स (1 मिली/लीटर) का स्प्रे करते हैं, तो यह सीधे पत्तियों के माध्यम से सोख लिया जाता है, जिससे तुरंत परिणाम मिलते हैं।

फोर्टीफ़ाय (0:61:41 + Zinc + Manganese) :

इस खाद में नाईट्रोजन (0%) नहीं है, जो इस अवस्था के लिए सबसे सही है क्योंकि अधिक नाईट्रोजन से पौधे में केवल पत्तियां बढ़ती हैं और फूल/गठान ढीली रह जाती है।

  • फास्फोरस (61%) – मजबूत आधार: यह जड़ों को और गहराई में ले जाता है ताकि पौधा जमीन से अधिक पानी खींच सके। सबसे बड़ा काम यह फूलगोभी के फूल (Curd) और पत्तागोभी के गद्दे (Head) के कोशिकाओं के विभाजन (Cell Division) को तेज करता है, जिससे इनका आकार बड़ा और गठीला बनता है।
  • पोटैशियम (41%) – वजन और चमक: पोटैशियम पत्तियों से बने भोजन (कार्बोहाइड्रेट) को सीधे फूल और गद्दे की तरफ भेजता है। इससे फूलगोभी का फूल भारी, सफेद और पत्तागोभी का गद्दा ठोस और वजनदार बनता है। यह पौधों को बीमारियों और सूखे से लड़ने की ताकत भी देता है।
  • जिंक (Zinc) – हार्मोन नियंत्रण: जिंक पौधे में ‘औक्सिन’ (Auxin) नामक हार्मोन को सक्रिय करता है, जो फूल और गद्दे के समान आकार (Uniform Shape) के विकास के लिए जरूरी है।
  • मैग्नेनीज (Manganese) – प्रकाश संश्लेषण की गति: मैग्नेनीज सीधे तौर पर पानी के अणुओं को तोड़ने और क्लोरोफिल की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद करता है, जिससे पौधा दोगुनी तेजी से भोजन बनाता है।

मायक्रोमैक्स (सुक्ष्मपोषकतत्व):

इसमें सभी आवश्यक सुक्ष्मपोषकतत्व (जैसे बोरान, आयरन, कोपर आदि) संतुलित मात्रा में होते हैं।

  • गोभी वर्गीय फसलों में बोरान की कमी से फूलगोभी का फूल भूरा (Browning) हो जाता है और पत्तागोभी का तना अंदर से खोखला (Hollow Stem) हो जाता है। मायक्रोमैक्स का स्प्रे इस समस्या को पूरी तरह रोक देता है, जिससे फूल बिल्कुल दूध जैसा सफेद और चमकदार बनता है।
  1. ओ’नील (0:40:39 + फेरस + मैग्नीशियम)

जमीन (Drenching या Fertigation) के माध्यम से दिया गया यह कोम्बिनेशन पौधे की ‘फैक्ट्री’ यानी पत्तियों को मजबूत करता है।

प्रकाश संश्लेषण पर असर

  • मैग्नीशियम (Mg) – क्लोरोफिल का दिल: मैग्नीशियम, क्लोरोफिल (हरे रंग के वर्णक) के अणु का मुख्य केंद्र होता है। इसके बिना प्रकाश संश्लेषण असंभव है। जब आप इसे जमीन से देते हैं, तो पुरानी और नई दोनों पत्तियां गहरे हरे रंग की हो जाती हैं, जिससे वे सूर्य के प्रकाश को ज्यादा से ज्यादा सोखती हैं।
  • फेरस (आयरन/Fe) – ऊर्जा का ट्रांसफर: आयरन पौधों में एन्जाईम को सक्रिय करता है और इलेक्ट्रॉन ट्रांसफर में मदद करता है। मैग्नीशियम और आयरन मिलकर पौधे की भोजन बनाने की क्षमता (Photosynthetic Rate) को 30% से 40% तक बढ़ा देते हैं।

गड्डा एवं फूल निर्माण पर असर

  • 0:40:39 (फास्फोरस और पोटैशियम): जब पत्तियां भरपूर भोजन (प्रकाश संश्लेषण द्वारा) बनाएंगी, तो जमीन से मिल रहा पोटैशियम उस सारे स्टार्च और शुगर को सीधे गोभी के फूल/गद्दे में जमा करना शुरू कर देगा।
  • इसके प्रभाव से फूलगोभी का फूल बिखरता नहीं है (Buttoning की समस्या नहीं होती) और पत्तागोभी की परतें इतनी टाइट बैठती हैं कि गड्डे का वजन बढ़ जाता है।

मात्रा (प्रति लीटर पानी):

    • फोर्टीफ़ाय: 2 मिली
    • मायक्रोमैक्स: 1 मिली

जमीन से,

    ओ’नील: 3 किलो प्रती एकड

 

phortyfy

 

micromax

 

onil

 

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