8. मिर्च 43-45 दिन अवस्था में क्या करे ?

मिर्च की फसल जब 43-45 दिन की होती है, तो यह इसके जीवन चक्र का सबसे महत्वपूर्ण है। इस समय पौधा पूरी तरह से प्रजनन अवस्था (Reproductive stage) में होता है।

अच्छे फूल निकालने और उनकी सफल सैटिंग (फलों में बदलने) के लिए पोषक तत्वों का संतुलित प्रबंधन नीचे दिया गया है:

  1. मुख्य और माध्यमिक पोषक तत्वों की भूमिका
  • नाईट्रोजन (Nitrogen – N):

इस अवस्था में नाईट्रोजन की मात्रा कम रखनी चाहिए। यदि इस समय नाईट्रोजन अधिक दिया गया, तो पौधा केवल पत्तियां और टहनियां बढ़ाएगा (Vegetative growth), जिससे फूल कम आएंगे या झड़ जाएंगे। इसकी हल्की मात्रा केवल पौधे के हरेपन को बनाए रखने के लिए जरूरी है।

  • फास्फोरस (Phosphorus – P):

फूलों की संख्या बढ़ाने के लिए यह सबसे मुख्य तत्व है। यह जड़ों को मजबूती देता है ताकि वे भारी फ्लावरिंग का बोझ सह सकें और फूलों के बनने में मदद करता है।

  • पोटाश (Potassium – K):

यह “कौलिटी और सैटिंग” का राजा है। पोटाश फूलों को फल में बदलने की प्रक्रिया (Fruit setting) को तेज करता है और मिर्च के आकार व तीखेपन को सुनिश्चित करता है।

  • कैल्शियम (Calcium – Ca):

मिर्च में ‘ब्लॉसम एंड रॉट‘ (फल का नीचे से सड़ना) रोकने के लिए कैल्शियम अनिवार्य है। यह कोशिका विभाजन में मदद करता है, जिससे फूल और नए फल अपनी जगह से मजबूती से जुड़े रहते हैं और गिरते नहीं।

  • मैग्नीशियम (Magnesium – Mg):

यह प्रकाश संश्लेषण को बढ़ाता है। जब पौधा फूल और फल बना रहा होता है, तो उसे बहुत ऊर्जा चाहिए होती है। मैग्नीशियम यह सुनिश्चित करता है कि पत्तियां पूरी ऊर्जा बनाकर फूलों तक पहुंचाएं।

  1. सुक्ष्मपोषकतत्वों की विशेष भूमिका (सैटिंग के लिए)

अच्छी सैटिंग के लिए दो तत्व सबसे महत्वपूर्ण हैं:

  1. बोरान (Boron): इसके बिना परागण (Pollination) अधूरा रहता है। यह फूलों के ‘स्टिग्मा’ को गीला और सक्रिय रखता है ताकि मधुमक्खियां या हवा के जरिए परागकण सफल फलन कर सकें।
  2. जिंक (Zinc): यह पौधों में प्राकृतिक ‘औक्सिन’ (हार्मोन) पैदा करता है जो फूलों को झड़ने से रोकता है।

 

भरपूर फूल और अच्छी सैटिंग के लिए ‘बेस्ट शेड्यूल‘ (43-45 दिन पर)

बेहतर परिणाम के लिए आप इस का उपयोग करे:

ड्रिप :

  • अल्बर्ट सोल्युशन: 3 किलो

छिडकाव :

  • डीपी 98: 2 मिली प्रती लीटर पानी
  • मायक्रोमैक्स: 1 मिली प्रती लीटर पानी

कुछ जरूरी सावधानियां:

  • पानी का तनाव: इस समय न तो खेत बहुत सूखा होना चाहिए और न ही बहुत ज्यादा पानी भरा होना चाहिए। पानी की कमी से फूल तुरंत झड़ जाते हैं।
  • तापमान: यदि तापमान 35°C से ऊपर जा रहा है, तो शाम के समय सिंचाई करें ताकि खेत में ठंडक बनी रहे।
  • कीट नियंत्रण: फूल आते समय थ्रिप्स (Thrips) का हमला सबसे ज्यादा होता है जो फूलों को सुखा देते हैं। इसके लिए हल्की कीटनाशक का प्रयोग जरूर करें।

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