फूल और फल सैटिंग अवस्था (151-175 दिन)
पपीते की 151-175 दिन वाली अवस्था में पौधे पर फलों का काफी भार आ चुका होता है और वह अगले फ्लश की तैयारी भी कर रहा होता है।
- मार्क सोल्युशन (बोरोनेटेड कैल्शियम नाइट्रेट) और 13:00:45 का एकसाथ काम
13:00:45 और बोरोनेटेड कैल्शियम नाइट्रेट आपस में ज्यादा बेहतर तरीके से मिल सकते हैं क्योकि यह कम्पैटिबल और साईंज बढ़ाने का बेस्ट कोम्बिनेशन हैं।
- 13:00:45 (पोटेशियम नाइट्रेट): इसमें 13% नाइट्रोजन और 45% पोटेशियम होता है। इस अवस्था में थोड़ी मात्रा में नाइट्रोजन की जरूरत होती है ताकि पौधा थके नहीं और फल की चमक बनी रहे।
- बोरोनेटेड कैल्शियम: कैल्शियम फल की बाहरी दीवार को मजबूत करता है और बोरॉन फल के डंठल को इतना मजबूत बना देता है कि भारी फल भी पेड़ से गिरते नहीं हैं।
- फल का साइज (Fruit Size) कैसे बढ़ेगा?
इस अवस्था में पपीते का साइज बढ़ाना आपकी प्राथमिकता है। यह खादें इसमें इस प्रकार मदद करेंगी:
- पोटेशियम का ‘पंप’ प्रभाव: 13:00:45 में मौजूद पोटेशियम एक पंप की तरह काम करता है। यह पत्तियों में बनने वाले स्टार्च और शुगर को खींचकर फल के अंदर भरता है। इससे फल का आयतन (Volume) बढ़ता है।
- सेल स्ट्रेचिंग: कैल्शियम कोशिका की दीवारों को मजबूती के साथ खिंचाव (Elasticity) देता है। इससे फल बिना फटे अपना अधिकतम साइज ले पाता है।
- वजन में वृद्धि: जब कैल्शियम और पोटेशियम साथ मिलते हैं, तो फल अंदर से ‘खोखला’ कम रहता है और उसका वजन (Density) बढ़ता है।
- लिपमैन कोम्बी (सुक्ष्मपोषकतत्व) और पीलासपन
पपीते में इस समय पीलासपन आने का मतलब है कि पौधा फलों के बोझ के कारण पोषण की कमी (Stress) महसूस कर रहा है।
- मैग्नीशियम और आयरन: ‘कोम्बी’ में मौजूद ये तत्व पत्तियों में क्लोरोफिल को दोबारा सक्रिय करते हैं। पीली पत्तियां फिर से हरी होती हैं, जिससे वे ज्यादा भोजन (Photosynthesis) बना पाती हैं।
- पोषक तत्वों का संतुलन: कई बार मुख्य खाद (NPK) मिट्टी में पड़ी रहती है लेकिन सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी के कारण पौधा उसे उठा नहीं पाता। ‘कोम्बी’ इन मुख्य खादों को सक्रिय करने का काम करता है।
- फल गिरना (Fruit Drop) रोकने का अचूक तरीका
इस अवस्था में फल गिरने का सबसे बड़ा कारण बोरॉन की कमी और मिट्टी में नमी का उतार-चढ़ाव होता है।
- समाधान: बोरोनेटेड कैल्शियम नाइट्रेट डंठल को लचीला और मजबूत बनाता है जिससे हवा या फलों के आपसी दबाव से वे टूटते नहीं हैं।
उपयोग की मात्रा:
- मार्क सोल्युशन:5 किलो प्रति एकड़
- 13:00:45: 3 किलो प्रति एकड़
- लिपमैन कोम्बी: 250 ग्राम प्रति एकड़
विशेष सुझाव:
- चूंकि 13:00:45 और कैल्शियम नाइट्रेट तकनीकी रूप से मिलाए जा सकते हैं, फिर भी बेहतर परिणामों के लिए ड्रिप में इन्हें पपीते में साईज के लिए 15-20 दिन के अंतर पर देना सबसे सुरक्षित रहता है।
- इस समय हो सकता है की पपीते में माइ्स (Mites) हो जो भी पीलासपन और पत्तो की ब्राउनिंग बढ़ा सकता है, इसलिए पत्तियों के नीचे जरूर चेक करें।


