फूल और फल सैटिंग अवस्था (121–150 दिन)
पपीते की फसल में 121-150 दिन का समय वह पड़ाव है जहाँ पौधे में फूल से फल बनने की प्रक्रिया (Fruit Setting) जोरों पर होती है।
1. कैल्शियम का महत्व
पपीते में कैल्शियम की कमी से फल नीचे से गलने लगते हैं या समय से पहले गिर जाते हैं। अल्बर्ट सोल्युशन में उच्च कैल्शियम13.20 % है।
- कोशिका विभाजन: फल के आकार को तेजी से बढ़ाने में मदद करता है।
- मजबूत डंठल: यह फूल और छोटे फल के डंठल (Pedicel) को मजबूत बनाता है, जिससे फल गिरने (Fruit Drop) की समस्या कम होती है।
- फलों की शेल्फ लाइफ: कैल्शियम युक्त फल सख्त और चमकदार होते हैं, जिससे वे परिवहन के दौरान जल्दी खराब नहीं होते।
2. सुक्ष्मपोषकतत्वों की भूमिका
पपीते में बोरान और जिंक जैसे सुक्ष्मपोषकतत्व फल सैटिंग के लिए अनिवार्य हैं:
- परागकण (Pollination): बोरान पराग नली को विकसित करता है। यदि परागण सही नहीं होगा, तो फूल फल में बदले बिना ही गिर जाएगा।
- विकृति से बचाव: सुक्ष्मपोषकतत्व की कमी से पपीता टेढ़ा-मेढ़ा (Deformed) हो सकता है। यह खाद फल को आकार देती है।
3. NPK का संतुलित कार्य
- नाइट्रोजन: पौधे की पत्तियों को हरा-भरा रखता है ताकि वे फल के लिए पर्याप्त भोजन बना सकें।
- फास्फोरस: जड़ों को पोषण सोखने की शक्ति देता है।
- पोटेशियम: फल में मिठास (Sugar content) और वजन बढ़ाने का मुख्य काम करता है।
4. फल गिरने (Fruit Drop) की समस्या का समाधान
पपीते में 121-135 दिनों के बीच फल गिरने के मुख्य कारण पोषण की कमी और हार्मोनल असंतुलन होते हैं।
- अल्बर्ट सोल्युशन एक Complete Food की तरह काम करता है। जब पौधे को सभी 12 तत्व एक साथ मिलते हैं, तो पौधे का ‘इम्यून सिस्टम’ मजबूत होता है।
- यह मिट्टी के pH को संतुलित रखने में मदद करता है जिससे पोषकतत्वों की उपलब्धता बढ़ जाती है।
मात्रा:
ड्रिप / जमीन से,
- अल्बर्ट सोल्युशन: 4 किलो प्रति एकड़
(हर 10-15 दिन के अंतराल पर दोबारा दें।)
बेसल डोज: 3
पपीते में दिया जाने वाला पहले, तीसरे, पांचवें और सातवें महीने का 3 रा बेसल डोज 145-150 दिनों के अंतराल पर दे।
विकल्प 1: 10:26:26 और यूरिया का उपयोग
यदि आप कॉम्प्लेक्स खाद (10:26:26) का उपयोग कर रहे हैं, तो प्रति पौधा मात्रा इस प्रकार होगी:
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10:26:26 खाद: 200 ग्राम प्रति पौधा
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यूरिया: 70 ग्राम प्रति पौधा
विकल्प 2: DAP, पोटाश और यूरिया का उपयोग
यदि आप अलग-अलग खाद मिलाकर दे रहे हैं, तो प्रति पौधा मात्रा इस प्रकार होगी:
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DAP (18:46:0): 110 ग्राम प्रति पौधा
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पोटाश (MOP): 85 ग्राम प्रति पौधा
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यूरिया: 60 ग्राम प्रति पौधा
(दोनों विकल्प से किसी एक विकल्प का चयन करें।)
एक जरूरी टिप:
- पपीते में इस समय नमी का संतुलन बनाए रखें। बहुत ज्यादा पानी या बहुत ज्यादा सूखा भी फल गिराने का कारण बनता है।
- अल्बर्ट सोल्युशन के साथ-साथ हल्की सिंचाई पर भी ध्यान दें।

