मिर्च की 33-35 दिन की अवस्था वह समय है जब फसल “वानस्पतिक वृद्धि” (Vegetative Growth) से “प्रजनन अवस्था” (Reproductive Stage) यानी फुल आने की अवस्था में प्रवेश करता है। इस समय हाई फास्फोरस (जैसे 14:48:00 – बेरी 48 ) और सुक्ष्म पोषकतत्व (जैसे लिपमैन कोम्बी) का मिश्रण फसल के लिए ‘फाउंडेशन’ का काम करता है।
यह इस महत्वपूर्ण समय पर कैसे काम करेगा:
- फुल आने की प्रक्रिया (Flower Initiation)
33-35 दिन पर पौधा तय करता है कि उसे कितने फूल बनाने हैं।
- हाई फास्फोरस की भूमिका: फास्फोरस को “पौधे की ऊर्जा मुद्रा” (Energy Currency – ATP) कहा जाता है। फूल बनाना पौधे के लिए बहुत मेहनत का काम है। फास्फोरस पौधे को वह अतिरिक्त ऊर्जा देता है जिससे अधिक संख्या में फूलों की कलियां (Flower Buds) बनती हैं।
- सुक्ष्म पोषक तत्व (बोरान और जिंक): लिपमैन कोम्बी में मौजूद बोरान परागकणों (Pollen) को स्वस्थ रखता है, जिससे फुल झड़ने की समस्या (Flower Dropping) कम होती है।
- जबरदस्त फुटान और शाखाएं
इस अवस्था में पौधा जितना चौड़ा होगा, भविष्य में पैदावार उतनी ही अधिक होगी।
- जिंक और औक्झिन: सूक्ष्म पोषक तत्वों में मौजूद जिंक प्राकृतिक रूप से ‘औक्झिन ‘ हार्मोन को बढ़ावा देता है। यह हार्मोन नई शाखाओं (Side Branches) को निकालने में मदद करता है।
- फायदा: इससे मिर्च का पौधा सीधा चलने के बजाय घेरा बनाके चलता है।
- कोशिका विभाजन और मजबूती (Cell Division)
33-35 दिन पर नई फुटान और कलियां तेजी से बनती हैं, जिसके लिए तीव्र कोशिका विभाजन जरूरी है।
- फास्फोरस का रोल: यह DNA और RNA का मुख्य हिस्सा है। तेजी से कोशिका विभाजन के लिए फास्फोरस अनिवार्य है।
- लोहा और मैन्गेनीज: लिपमैन कोम्बी के ये तत्व सुनिश्चित करते हैं कि नई बनने वाली कोशिकाएं पूरी तरह से हरी (Chlorophyll rich) हों, जिससे पौधा पीला न पड़े।
- फास्फोरस फिक्सेशन से सुरक्षा (Avoiding Fixation):
- इससे पौधे को फास्फोरस की 100% उपलब्धता बनी रहती है, भले ही मिट्टी का pH थोड़ा कम या ज्यादा हो।
डोज:
- बेरी 48 : ३ किलो प्रती एकड़
- लिपमैन कोम्बी: 500 ग्राम प्रती एकड़
विशेष सलाह
- पानी का तनाव न दें: 33-35 दिन पर जब कलियां बन रही हों, तो खेत में नमी की कमी न होने दें। पानी की कमी से बनी हुई कलियां सूखकर गिर सकती हैं।
- कीट नियंत्रण: इस समय नई फुटान पर थ्रिप्स (Thrips) का हमला तेज होता है। कीटनाशक छिड़काव का ध्यान रखें ताकि नई फुटान सुरक्षित रहें।


