लहसुन 46-60 हेनीग सोल्युशन क्यों जरुरी हो जाता है ?
लहसुन की खेती में 46-60 दिनों का चरण बहुत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस समय पौधा अपनी वानस्पतिक वृद्धि (Vegetative growth) पूरी कर रहा होता है और कंद बनने (Bulb initiation) की प्रक्रिया शुरू होने वाली होती है।
हेनीग सोल्युशन इस दौरान पोषक तत्वों के स्थिरीकरण (Nutrient Fixation) की समस्या को हल करके पैदावार बढ़ाने में कैसे मदद करता है, क्योकि इस अवस्था तक जमीन से काफी दानेदार खाद जा चुकी होती है और उसका अन्य पोषकतत्वों के साथ स्थिरीकरण भी हो चूका होता है।
1. 46-60 दिनों के दौरान लहसुन की आवश्यकता
इस चरण में लहसुन के पौधे को सबसे अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है:
- फास्फोरस (Phosphate): जड़ों के विस्तार और कोशिकाओं के विभाजन के लिए अनिवार्य है।
- कैल्शियम (Calcium): कोशिका की दीवारों को मजबूत बनाने और बाद में लहसुन को सड़ने से बचाने के लिए जरूरी है।
- सुक्ष्मपोषकतत्व (Micronutrients): प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) को तेज करने के लिए।
2. पोषकतत्वों का स्थिरीकरण (Nutrient Fixation) क्या है?
अक्सर किसान जितनी खाद डालते हैं, पौधा उसका पूरा उपयोग नहीं कर पाता।
- क्षारीय मिट्टी (Alkaline Soil): इसमें फॉस्फेट और कैल्शियम आपस में जुड़कर जम जाते हैं (Fixed हो जाते हैं), जिससे पौधा उन्हें सोख नहीं पाता।
- अम्लीय मिट्टी (Acidic Soil): यहाँ फॉस्फेट, लोहे (Iron) या एल्युमीनियम के साथ चिपक जाता है।
परिणाम: आपकी खाद मिट्टी में “लॉक” हो जाती है और लहसुन का पौधा भूखा रह जाता है।
3. हेनीग सोल्युशन का कार्य
हेनिंग सोल्यूशन मे IPE तकनीक है जो इस फिक्सेशन की समस्या को दो तरह से खत्म करती है:
क) मिट्टी में जमे हुए पुराने फिक्सपोषकतत्वों को खोलना
46-60 दिनों के बीच जब पौधे को सबसे ज्यादा पोषण चाहिए होता है, तब यह हेनीग सोल्युशन मिट्टी में पहले से फंसे हुए फास्फोरस, कैल्शियम और सुक्ष्मपोषकतत्वों को मुक्त (Release) कर देता है। यह मिट्टी में जमा “पुराने फिक्स पोषक तत्वों” को घोलकर जड़ों तक पहुँचाता है।
ख) नई खाद को बेकार होने से बचाना
इस समय जब आप ऊपर से खाद (Side-dressing) देते हैं, तो हेनीग सोल्युशन एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। यह नई डाली गई फॉस्फेट खाद को मिट्टी के अन्य तत्वों के साथ मिलकर जमने (Precipitation) से रोकता है।
4. लहसुन की फसल पर प्रभाव
| लाभ | लहसुन के 46-60 दिन के चरण पर असर |
| खाद में 30% की कमी | फॉस्फेट का बेहतर उपयोग होने के कारण आप खाद की मात्रा घटा सकते हैं। |
| जड़ों का विकास | जड़ें मिट्टी में ज्यादा गहराई तक जाकर पोषण उठा पाती हैं। |
| मजबूत तना | तना (Stem) मोटा होता है, जिससे कंद (Bulb) का आकार बड़ा बनता है। |
| बेहतर भंडारण क्षमता | उपलब्ध कैल्शियम की वजह से लहसुन की कलियाँ सख्त होती हैं और लंबे समय तक खराब नहीं होतीं। |
5. निष्कर्ष
लहसुन के 46-60 दिनों के चरण में हेनीग सोल्युशन का उपयोग करना मिट्टी की पोषकतत्व उपयोग (NUE) को बढ़ाता है। यह न केवल आपकी खाद का खर्च कम करता है, बल्कि मिट्टी के पीएच (pH) की परवाह किए बिना फसल को भरपूर पोषण सुनिश्चित करता है।
6. मात्रा:
हेनीग सोल्युशन: 4 किलो प्रती एकड़

