5. अदरक 42-45 दिन में कैल्शियम और बोरान क्यों दे ?

अदरक की फसल में 42-45 दिन का समय वह चरण है जब पौधा अपनी शुरुआती जड़ों को स्थापित कर चुका होता है और अब “कंद निर्माण” (Rhizome Formation) की प्रक्रिया शुरू होने वाली होती है। इस समय कैल्शियम और बोरान का कोम्बिनेशन फसल के लिए मजबूती प्रदान करणे का काम करता है। जाइलम और फ्लोएम: कैल्शियम इन नलिकाओं (Vascular bundles) की दीवारों को सख्त बनाता है। इससे जड़ों द्वारा सोखा गया पानी बिना किसी रुकावट के सबसे ऊपरी पत्ती तक पहुँचता है।

  1. कैल्शियम (मार्क सोल्युशन – बोरोनेटेड कैल्शियम नाईट्रेट)

जमीन से दिया जाने वाला कैल्शियम नाईट्रेट अदरक के लिए दो तरफा काम करता है:

  • कोशिका भित्ति की मजबूती (Cell Wall Strength): कैल्शियम कोशिका झिल्ली को आपस में जोड़ने वाले “सीमेंट” की तरह काम करता है। 45 दिन पर नया कंद (Rhizome) फैलना शुरू होता है। कैल्शियम इसकी बाहरी त्वचा को मजबूत बनाता है जिससे भविष्य में कंद के फटने (Cracking) की समस्या नहीं आती।
  • सफेद जड़ों की लंबी उम्र: कैल्शियम के बिना जड़ों के अग्र भाग (Root tips) मर जाते हैं। यह जड़ों को गहराई तक ले जाता है ताकि वे जमीन से भारी मात्रा में पोषक तत्व सोख सकें।
  • नाईट्रेट नाईट्रोजन का लाभ: नाईट्रेट फॉर्म में मौजूद नाईट्रोजन तुरंत उपलब्ध होती है, जिससे पौधों को झटका नहीं लगता और उनकी वानस्पतिक वृद्धि (Vegetative growth) जारी रहती है।
  1. बोरान :

बोरॉन के बिना कैल्शियम अधूरा है। ये दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।

  • कैल्शियम की गतिशीलता: कैल्शियम पौधे के भीतर बहुत धीरे चलता है। बोरान “टैक्सी” की तरह काम करता है जो कैल्शियम को जड़ों से खींचकर नई पत्तियों और कंद तक पहुँचाता है।
  • शर्करा का स्थानांतरण (Sugar Translocation): पत्तियों में जो भोजन (प्रकाश संश्लेषण से) बोरान है, बोरान उसे नसों के माध्यम से नीचे कंद (अदरक) की तरफ धकेलता है। इससे अदरक के पंजों का वजन बढ़ना शुरू होता है।
  • परागण और कोशिका विभाजन: यह नई कोशिकाओं के बनने की रफ्तार को तेज करता है, जिससे अदरक के “कल्ले” (Shoots) की संख्या बढ़ती है।
  1. छिड़काव में कैल्शियम और बोरान (Ca+B)

जमीन से देने के साथ-साथ स्प्रे करने का एक विशेष वैज्ञानिक कारण है:

  • त्वरित सुधार (Instant Action): कैल्शियम मिट्टी में कभी-कभी ‘फिक्स’ (अघुलनशील) हो जाता है। स्प्रे के माध्यम से यह सीधे पत्तियों के रंध्रों (Stomata) द्वारा सोख लिया जाता है।
  • तनाव से बचाव: 42-45 दिन के आसपास तापमान बढ़ने पर पत्तियां ऊपर से सूखने (Tip burn) लगती हैं। Ca+B का स्प्रे पत्तियों के सिरों को जलने से बचाता है और उन्हें कड़क व सीधा रखता है।
भूमिका (Ca + B)
कंद की गुणवत्ता अदरक का पंजा ठोस, भारी और चमकदार (Shining) बनेगा।
रोग प्रतिरोधक कैल्शियम की मजबूती के कारण ‘सॉफ्ट रॉट‘ (नरम सड़न) पैदा करने वाले बैक्टीरिया कंद में आसानी से नहीं घुस पाएंगे।
भंडारण क्षमता फसल निकलने के बाद अदरक जल्दी सूखता नहीं है और उसकी शेल्फ-लाइफ बढ़ जाती है।
गांठों की मोटाई अदरक की जो गांठें (Nodes) बनती हैं, वे ज्यादा मोटी और वजनदार होती हैं।

मात्रा:

जमीन से,

  • मार्क सोल्युशन (बोरोनेटेड कैल्शियम नाईट्रेट): 5 किलो प्रती एकड़

छिड़कांव से,

  • सीए + बी: 2 मिली प्रती लीटर पानी

प्रयोग के लिए महत्वपूर्ण सुझाव:

  1. Compatibility: मार्क सॉल्यूशन (कैल्शियम नाईट्रेट) को सल्फेट (Sulphate) या फॉस्फेट (Phosphate) आधारित खादों (जैसे 0:52:34 या मैग्नीशियम सल्फेट) के साथ कभी न मिलाएं। कैल्शियम को हमेशा अलग से दें।
  2. नमी का ध्यान: कैल्शियम और बोरॉन तभी अच्छे से काम करते हैं जब मिट्टी में उचित नमी हो। सूखे खेत में इनका असर कम हो जाता है।
  3. स्प्रे का समय: छिड़काव हमेशा सुबह जल्दी या शाम को करें, क्योंकि कैल्शियम के अवशोषण के लिए आर्द्रता (Humidity) जरूरी होती है।

ca+bmarc

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