बैंगन की फसल में रोपाई के 41 से 60 दिन के भीतर नीचे बताए गए ये दोनों स्प्रे बेहद जरुरी हैं। इस स्टेज पर पौधे को फूलों की संख्या बढ़ाने और उन्हें फल में बदलने के लिए ठीक इसी तरह के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है।
आइए इन दोनों स्प्रे के फायदों और इसके साथ कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों को विस्तार से समझते हैं:
पहला स्प्रे: डीपी 98 + किंगफोल जिंक 70 (फूलो की संख्या बढ़ाना)
- डीपी 98 : यह साधारण फास्फोरस की तरह मिट्टी या पत्तियों में रुकता नहीं है, बल्कि पौधे के अंदर ज़ाइलम और फ्लोएम दोनों तंत्रों के माध्यम से बहुत तेजी से गति करता है। यह पौधे में ऊर्जा का संचार बढ़ाकर अनगिनत नई फूल कलियां (Flower Buds) निकलने में मदद करता है।
- किंगफोल जिंक 70 : जिंक पौधे में ‘औक्सिन’ हार्मोन का निर्माण करता है, जिससे फूलों के डंठल मजबूत होते हैं और प्रकाश संश्लेषण बेहतर होता है।
- फायदा: इससे पौधे पर फूलों का गुच्छा बनता है, कलियां मजबूत होती हैं और पौधे की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।
मात्रा:
- डीपी 98: 2 मिली प्रती लीटर पानी
- किंगफोल जिंक 70 : 0.5 मिली प्रती लीटर पानी
दूसरा स्प्रे: केलमैक्स गोल्ड (फूल सेटिंग करना)
- घटक: उच्च कैल्शियम, मैग्नीशियम, अमीनो एसिड और सुक्ष्मपोषकतत्व।
- फूल सेटिंग में कमाल: कैलमेक्स गोल्ड में मौजूद अमीनो एसिड पौधे के भीतर आंतरिक रासायनिक क्रियाओं को तुरंत उत्तेजित करते हैं (Internal chemical pathways stimulate), जिससे परागण (Pollination) सफल होता है और फूल सौ प्रतिशत बैंगन के छोटे फलों में बदलने लगते हैं (Fruit Set)।
- कैल्शियम और मैग्नीशियम: यह फूलों के डंठल को इतना मजबूत कर देते हैं कि हवा या तापमान के बदलाव से फूल झड़ते (Flower Drop) नहीं हैं। साथ ही आगे चलकर बैंगन के फलों की चमक, गुणवत्ता और उनका आकार बेहतरीन बनता है।
मात्रा:
- केलमैक्स गोल्ड: 2 मिली प्रती लीटर पानी
इस स्टेज के लिए कुछ अन्य बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां
- स्प्रे के बीच का अंतर: पहले और दूसरे स्प्रे के बीच कम से कम 7 से 10 दिन का गैप जरूर रखें, ताकि पौधे को एक के बाद एक पोषक तत्व पूरी तरह से सोखने का समय मिल सके।
- टैंक मिक्सिंग सावधानी (Tank Mixing Warning):
- DP 98 को सीधे तौर पर किसी भी कैल्शियम या सल्फेट आधारित उर्वरक के साथ टैंक में एकसाथ मिलाकर स्प्रे न करें।
- सिंचाई प्रबंधन (Moisture Control): इस 41 से 60 दिन की अवस्था में खेत में नमी की कमी बिल्कुल न होने दें। यदि मिट्टी में पानी सूखेगा, तो कैल्शियम और बोरॉन की कमी हो जाएगी, जिससे फूल तेजी से झड़ेंगे और फल टेढ़े-मेढ़े (Deformed fruits) हो सकते हैं।
- समय: स्प्रे हमेशा सुबह के वक्त (ओस सूखने के बाद) या फिर शाम को ठंडे मौसम में करें, तेज धूप में कभी स्प्रे न करें।



