गेहू कल्ले निकलने की अवस्था में हेनीग सोल्युशन (NPK 11:44:11) और लिपमैन कोम्बी (सुक्ष्मपोषकतत्व) का कोम्बिनेशन फसल के विकास के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है।
इस अवस्था में इन दोनों का संयुक्त उपयोग पौधों पर प्रभावी रूप से काम करता है:
- कल्ले का विकास
- हेनीग सोल्युशन (11:44:11): इसमें मौजूद फास्फोरस (P) की मात्रा जड़ों के फैलाव और ऊर्जा के संचार के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार होती है, जो अप्रत्यक्ष रूप से मजबूत कल्ले फूटने में मदद करती है।
- लिपमैन कोम्बी: सुक्ष्मपोषकतत्व पौधों के अंदरूनी चयापचय (Metabolism) को तेज करते हैं, जिससे पौधे की वानस्पतिक वृद्धि बेहतर होती है और अधिक से अधिक कल्ले निकलते हैं।
- पीलापन रोकना
- लिपमैन कोम्बी: इसमें जिंक, आयरन, मैन्गेनीज, बोरान और तांबा जैसे महत्वपूर्ण सुक्ष्मपोषकतत्व होते हैं। जब रोपाई के 20-30 दिन बाद मिट्टी में पोषण की कमी से पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं, तो यह स्प्रे तुरंत क्लोरोफिल के निर्माण को सुधारकर पत्तियों में गहरा हरापन लौट आता है।
- जड़ विकास और मजबूती
- फास्फोरस और सुक्ष्मपोषकतत्व: कल्ले निकलते समय पौधों को मजबूत आधार की जरूरत होती है। फास्फोरस और सुक्ष्मपोषकतत्वों का यह कोम्बिनेशन प्राथमिक और द्वितीयक जड़ों को गहराई तक जाने और मजबूत बनने में मदद करता है, जिससे पौधे हवा या पानी के दबाव से गिरते नहीं हैं।
- फूल निकलने और समग्र विकास में सहायता
- हालांकि मुख्य रूप से यह अवस्था कल्ले और वानस्पतिक वृद्धि की है, लेकिन इस समय दिए गए फॉस्फोरस और सूक्ष्म पोषक तत्व भविष्य में बालियां / फूल निकलने की प्रक्रिया को मजबूत आधार देते हैं। इससे दानों का भराव बेहतर होता है और पैदावार में वृद्धि होती है।
मात्रा:
· हेनीग सोल्युशन: 5 ग्राम प्रती लिटर पानी
· लिपमैन कोम्बी: 1.5 ग्राम प्रती लिटर पानी


