3.पपीता: फूल निकलने के पहले की अवस्था (46-60 दिन)

पपीता: फूल निकलने के पहले की अवस्था (46-60 दिन)

पपीते की 46 से 60 दिन की यह अवस्था (Pre-flowering stage) फसल का टर्निंग पॉइंट होती है। इस समय आपका लक्ष्य पौधे की ‘ऊंचाई’ को रोककर उसकी ‘शक्ति’ को फूलों के निर्माण की ओर मोड़ना है।

तो इस अवस्था में,

  1. ग्रोथ को रोकना और फूलों की शक्ति (Vegetative to Reproductive shift)

इस अवस्था में पौधा यदि बहुत तेजी से ऊपर बढ़ेगा, तो वह फूल कम बनाएगा।

  • 11:44:11 (हेनीग सोल्युशन): इसमें नाइट्रोजन कम और फास्फोरस बहुत अधिक है। फास्फोरस का मुख्य काम “फ्लोरिजन” (Florigen) हार्मोन को सक्रिय करना है, जो पौधे को संदेश देता है कि अब उसे पत्तों के बजाय फूल बनाने हैं।
  • तने की मजबूती: फास्फोरस और पोटाश मिलकर तने के रेशों को सख्त करते हैं, जिससे वह आने वाले फलों का भारी वजन उठा सके।
  1. स्प्रे: डीपी 98 (06:37:17) और लिपमैन कॉम्बी (सुक्ष्म पोषकतत्व)

चूँकि पपीता इस समय काफी संवेदनशील होता है, इसलिए स्प्रे के माध्यम से पोषण देना बहुत प्रभावी होता है।

  • डीपी 98 (06:37:17): यह एक विशिष्ट खाद है। इसमें पोटाश (17) और फास्फोरस (37) का संतुलन फूल निकलने की प्रक्रिया (Flower Initiation) को तेज करता है। यह कलियों को झड़ने से रोकता है।
  • लिपमैन कॉम्बी (सूक्ष्म पोषक तत्व): इसमें जिंक, बोरॉन, लोहा, और मैंगनीज जैसे तत्व होते हैं।
    • बोरॉन: यह परागण (Pollination) में मदद करता है। इसके बिना फूल फल में नहीं बदल पाते।
    • जिंक: यह हार्मोन संतुलन बनाए रखता है ताकि इंटरनोड्स (पत्तियों के बीच की दूरी) कम रहे और पौधा “बौना और मजबूत” बने।
  1. 3. इस अवस्था की संभावित समस्याएँ और सावधानी
  1. कलियों का गिरना (Bud Drop): यदि इस समय तापमान अचानक बढ़ जाए या पानी की कमी हो, तो कलियां गिर सकती हैं। डीपी 98 का स्प्रे इसे रोकने में बहुत सहायक है।
  2. तने का फटना: यदि बहुत अधिक पानी और यूरिया दिया जाए, तो तना फट सकता है। इसलिए आपने जो 11:44:11 चुना है, वह एकदम सही है क्योंकि इसमें नाइट्रोजन बहुत सीमित है।
  3. सफेद मक्खी का हमला: फूल आते समय रस चूसक कीटों का खतरा बढ़ जाता है।

मात्रा:

जमीन से,

  • हेनीग सोल्युशन: 4 किलो प्रती एकड़

स्प्रे:

  • डीपी 98 (06:37:17): 2 मिली प्रती लीटर पानी
  • लिपमैन कॉम्बी: 5 ग्राम प्रती लीटर पानी
  • मेपिक्वाट क्लोराइड 5% AS: 2 मिली प्रती लीटर पानी
  • ( ग्रोथ जादा हुई है तो मतलब- मै के बाद के प्लाट में साधारनतः यह स्थिती देखने को मिलेगी तो ही  मेपिक्वाट क्लोराइड 5% का इस्तेमाल करे)

विशेष सुझाव:

  • इस अवस्था (46-60 दिन) के दौरान, सुनिश्चित करें कि खेत में नमी एक समान (Uniform Moisture) बनी रहे। न तो मिट्टी पूरी तरह सूखे और न ही उसमें पानी जमा हो।
  • क्या आप इस समय कीटों के लिए किसी कीटनाशक का उपयोग भी साथ में कर रहे हैं? क्योंकि फूलों की सुरक्षा के लिए कीट प्रबंधन भी उतना ही जरूरी है।

henning

 

lipman

 

dp 98

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