टमाटर: ट्रान्सप्लांट शॉक से बचाने और शुरुवाती बढवार के लिए….
नर्सरी के सुरक्षित माहौल से निकलकर जब टमाटर का कोमल पौधा खुले खेत की तपिश और मिट्टी में आता है, तो वह ‘ट्रांसप्लांट शॉक‘ का शिकार हो जाता है। इससे बचने और जड़ों को मजबूती देने के लिए तीसरे और नौवें दिन का स्प्रे सबसे महत्वपूर्ण है।
इनके फायदों और काम करने का तरीका क्या है:
- बायो -20 (सीवीड) के फायदे
यह एक एक प्राकृतिक सीवीड पर आधारित बायो-स्टिमुलेंट है जिसमें विटामिन, एंजाइम और सूक्ष्म पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं।
- ट्रांसप्लांट शॉक से बचाव: जब पौधा नर्सरी से खेत में आता है, तो वह तनाव (Shock) में होता है। सीवीड पौधे को इस तनाव से जल्दी उबरने में मदद करता है।
- जड़ों का विकास: इसमें मौजूद ‘ऑक्सिन’ और ‘साइटोकिनिन’ जैसे हार्मोन जड़ों को तेजी से फैलाने में मदद करते हैं।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता: यह पौधे की सेल वॉल (कोशिका भित्ति) को मजबूत बनाता है, जिससे कीटों और बीमारियों का हमला कम होता है।
- किंगफोल जिंक 70 (जिंक) के फायदे
जिंक टमाटर की फसल के लिए सबसे महत्वपूर्ण सूक्ष्म पोषक तत्वों में से एक है।
- बौनेपन को रोकना: जिंक की कमी से मिर्च के पत्ते छोटे रह जाते हैं और मुड़ जाते हैं। इसका छिड़काव पत्तों को सही आकार और फैलाव देता है।
- क्लोरोफिल का निर्माण: यह प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया को तेज करता है, जिससे पौधा गहरा हरा रहता है और भोजन ज्यादा बनाता है।
- फूल और फल: जिंक पौधों में हार्मोन के संतुलन को बनाए रखता है, जिससे फूल कम झड़ते हैं और मिर्च की लंबाई व चमक बढ़ती है।
यह कैसे काम करेगा?
जब आप इनका स्प्रे करते हैं, तो यह प्रक्रिया इस प्रकार काम करती है:
- पत्तियों द्वारा अवशोषण (Stomatal Intake): छिड़काव करने पर पत्तियों के छोटे छिद्रों (Stomata) के जरिए ये पोषक तत्व सीधे पौधे के सिस्टम में प्रवेश कर जाते हैं। यह जमीन में खाद डालने के मुकाबले 10 गुना तेजी से काम करता है।
- एन्झाईम एक्टिवेशन: जिंक कई एन्झाईमों को सक्रिय करता है जो प्रोटीन बनाने में मदद करते हैं। वहीं, सीवीड मिट्टी के सूक्ष्मजीवों की गतिविधि को भी अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा देता है।
- सेल डिवीजन: दोनों मिलकर कोशिका विभाजन (Cell Division) को तेज करते हैं, जिससे पौधे की नई शाखाएं और कलियां तेजी से निकलती हैं।
इस्तेमाल करने का सही तरीका (3 रे दिन और 9 वे दिन)
छिडकाव:
- बायो -20 (सीवीड): 2 – 3 मिली प्रति लीटर पानी
- किंगफोल जिंक 70 (जिंक): 0.5 मिली प्रति लीटर पानी
जमीन से, (ड्रेचिंग 9 वे दिन)
- बायो -20: 500 मिली प्रति एकड़
- किंगफोल जिंक 70: 100 मिली प्रति एकड़
जरूरी सलाह:
- हमेशा चिलेटेड जिंक या औक्साईड जिंक का ही चुनाव करें, क्योंकि इसे सीवीड या अन्य दवाओं के साथ मिलाना आसान होता है और यह पत्तों को जलाता नहीं है।
- छिड़काव हमेशा सुबह 10 बजे से पहले या शाम 4 बजे के बाद करें।
- शुरू में जरुरत हो तो ही कीटनाशक का प्रयोग करें।
- जादा हैवी मोलिक्यूल वाले कीटनाशक से बचे।


