3. बेसल डोज (सभी बहार के लिए)

संतरे के बाग में पानी देने से पहले / बारिश शुरू होने से पहले ‘बेसल डोज’ (Basal Dose) देना बहुत जरूरी है। यह खाद पौधों को मानसून के दौरान होने वाली नै फुटन, फ्लोवरिंग और फल के विकास के लिए तैयार करती है।प्रति पौधा, 5 साल से बड़े पौधों के लिए मात्रा:
1. जैविक खाद (Organic Manures)बारिश से ठीक पहले मिट्टी की संरचना सुधारने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण है:
  • गोबर की खाद (FYM): 40-50 किलो या वर्मी कम्पोस्ट: 10-15 किलो। (आप उपलब्धता के हिसाब मात्रा कम जादा कर सकते है) 
  • नीम की खली: 2 किलो (यह जड़ों को फंगस और दीमक से बचाती है)।(आप इसे आपकी जरुरत के हिसाब से ले)
2. मुख्य पोषक तत्व (Chemical Fertilizers) (जरुरी)मिट्टी में नमी होने पर या पहली हल्की बारिश के बाद इन्हें दें:
  • यूरिया: 500 ग्राम।
  • सिंगल सुपर फास्फेट (SSP): 1.5 किलो (इसमें कैल्शियम और सल्फर भी होता है जो संतरे के लिए अच्छा है) या फिर डी.ए.पी: 700 ग्राम
  • म्यूरेट ऑफ पोटाश (MOP): 700 ग्राम (फलों की चमक और मिठास के लिए)।
  • हेनीग सोल्युशन: 50 ग्राम (पोषकतत्व फिक्शेशन को रोखकर उनकी उपलब्धता बढ़ाए मुख्यतः फॉस्फोरस फिक्शेशनको रोके। इससेडी.ए.पी. या सिंगल सुपर फास्फेट की 30% कार्यक्षमता बढाता है।)
  • यह मात्रा 2 बार में आधी आधी करके भी  दे सकते है- एक शुरुवात में और एक सैटिंग अवस्था में 

3. सूक्ष्म पोषक तत्व (Micro-nutrients)संतरे में जिंक और आयरन की कमी अक्सर देखी जाती है, इसलिए:
  • अल्बर्ट सोल्युशन: 50 ग्राम (सभी 12 पोषकतत्व एक ही खाद में)   
  • मैग्नीशियम सल्फेट: 50-100 ग्राम।
खाद देने का सही तरीका:
  1. रिंग विधि: तने से लगभग 2 से 3 फीट दूर (पौधे के घेरे के नीचे) एक उथली नाली या रिंग बनाएं। इससे ‘गमोसिस’ (गोंद निकलना) भी नियंत्रित रहता है।
  2. मिट्टी में मिलाना: खाद डालने के बाद उसे मिट्टी से अच्छी तरह ढक दें।
  3. सावधानी: खाद को सीधे तने (Trunk) के पास न डालें, इससे छाल सड़ने का खतरा रहता है।

 जरूरी टिप (Disease Control): ‘गमोसिस’ (गोंद निकलना)

बारिश शुरू होने से पहले तने पर बोर्डो पेस्ट (Bordeaux Paste) का लेप जरूर लगाएं। यह मानसून में होने वाले ‘गमोसिस’ (गोंद निकलना) और कवक रोगों से बचाव करेगा।

  • जमीन से बेसल डोज में अलिएट या अप्रोन एक्स. एल मिलाके दे सकते है लेकिन खाद तुरंत इस्तमाल करे।
  • नई फुटान से पहले कॉपर का छिड़कांव जरुर करे।
  • गोबर खाद के साथ सभी तत्त्व मिलाके दे सकते है ।

महत्वपूर्ण जानकारी:

  •  खाद देने बाद 2 – 3 बार पानी जरुर पिलाए।
  • बारिश के तुरंत पहले आपातकाल में पानी गिरे तो जमीन से खाद दे के पानी पिलाना जरुरी है ताकि आगे पीछे फुल ना निकले।
  • बेसल डोज की मात्रा जमीन से सालभर के लिए है, इसका लावा सिर्फ पिलासपन आए तो बाद में फेरस एवं मग्नेशियम जमीन से दे सकते है और अंत में साईंज के पोटाश युक्त ग्रेड दे।

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