अंकुरण पूरा होने के बाद अदरक की फसल अपने “वानस्पतिक विकास” (Vegetative Growth) की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था में प्रवेश करती है। इस समय अल्बर्ट सोल्युशन (जिसमें सभी 12 पोषक तत्व हैं) और कैल्शियम + सुक्ष्मपोषकतत्वों का एक संपूर्ण आहार (Balanced Diet) की तरह काम करता है।
- अल्बर्ट सोल्युशन (12 पोषकतत्व ) की भूमिका
अल्बर्ट सोल्युशन में मुख्य पोषक तत्व (N, P, K), दुय्यम (Ca, Mg, S) और सुक्ष्मपोषकतत्व (Fe, Zn, Cu, Mn, B, Mo) एक संतुलित अनुपात में होते हैं।
- निरंतर विकास: अंकुरण के बाद पौधे को केवल ऊर्जा की नहीं, बल्कि अंगों के निर्माण के लिए कच्चे माल की जरूरत होती है। नाईट्रोजन पत्तियां बनाता है, फास्फोरस जड़ें, और पोटेशियम कोशिका के अंदर पानी का दबाव बनाए रखता है।
- एन्जाईम सक्रियता: इसमें मौजूद सुक्ष्मपोषकतत्व पौधे के भीतर मेटाबोलिज्म को चालू रखते हैं, जिससे भोजन बनने की प्रक्रिया 24 घंटे चलती रहती है।
- कैल्शियम (Calcium):
कैल्शियम को अक्सर नजर अंदाज किया जाता है, लेकिन अदरक जैसी कंद वाली फसलों के लिए यह मजबुती देता है।
- मजबूत कोशिका भित्ति (Cell Wall): कैल्शियम कोशिका की दीवारों को मजबूत बनाता है। इससे अदरक का तना (Pseudostem) मजबूत होता है और तेज हवा या बारिश में पौधा गिरता नहीं है।
- कंद का फटना रोकना: जैसे-जैसे अदरक का पंजा (Rhizome) अंदर बढ़ता है, कैल्शियम उसकी त्वचा को लचीला और मजबूत बनाता है, जिससे कंद फटते नहीं हैं और उनकी भंडारण क्षमता (Shelf life) बढ़ती है।
- जड़ के सिरों का विकास: कैल्शियम के बिना सफेद जड़ों के आगे का हिस्सा (Root tips) मर जाता है। यह जड़ों को लंबी दूरी तक फैलने में मदद करता है।
- सुक्ष्मपोषकतत्वों (Micronutrients) की भूमिका
भले ही इनकी मात्रा कम चाहिए, लेकिन इनके बिना मुख्य खाद (NPK) बेकार है।
- बोरान (Boron): यह कैल्शियम का “पार्टनर” है। बोरोन के बिना कैल्शियम पौधे के ऊपर तक नहीं पहुंच सकता। यह शक्कर (Sugar) को पत्तियों से नीचे कंद तक ले जाने का रास्ता साफ करता है।
- मैग्नीशियम और आयरन: ये पत्तियों में ‘पर्णहरित’ (Chlorophyll) को बढ़ाते हैं। इससे पौधा “सोलर पैनल” की तरह काम करता है और अधिक भोजन बनाता है।
- मैन्गेनीज और मोलिब्डेनम: ये नाईट्रोजन के उपयोग में मदद करते हैं, जिससे यूरिया देने पर पौधा उसे तुरंत पचा लेता है।
मात्रा:
अल्बर्ट सोल्युशन: ३ किलो प्रति एकड़

