रोपण के बाद 20 से 25 दिनों के दौरान स्ट्रौबेरी के पौधों में सफेद जड़ों का विकास, नई फुटन और फूलकलियां एक साथ बाहर निकलती हैं। इस समय पौधे पर तनाव आने से फूल झड़ने की बड़ी समस्या आती है। इससे बचने के लिए पोषकतत्व प्रबंधन निचे दिया गया है:
- छिड़काव: डीपी-98 (NPK 6:37:17)
- घटक और प्रमाण: इसमें मुख्य रूप से फास्फोरस (37%), पोटाश (17%) और नाईट्रोजन (6%) होता है।
- पोषण कार्य: यह एक उन्नत फास्फोरस युक्त उत्पाद है जो पौधे के अंदर जाइलम (Xylem) और फ्लोएम (Phloem) दोनों वाहिनियों के माध्यम से तेजी से पूरे पौधे में संचार करता है।
- लाभ:
- तत्काल ऊर्जा और फुटन: पौधे की इस शुरुआती अवस्था में बिना जड़ों पर दबाव डाले, पत्तियों के माध्यम से नई फुटन और आने वाली वृद्धि को तुरंत ऊर्जा और पोषण मिलता है।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता: इससे पौधे की आंतरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत अधिक बढ़ जाती है, जिससे तना और जड़ें मजबूत होती हैं।
- फफूंद जनित रोगों से सुरक्षा: स्ट्रॉबेरी में आने वाली जड़ सड़न (Root Rot) या अन्य फफूंद जनित रोगों के खिलाफ लड़ने में यह पौधे की मदद करता है।
- छिड़काव: मायक्रोमैक्स (सुक्ष्मपोषक तत्व और मैग्नीशियम)
- घटक और प्रमाण: इसमें मैग्नीशियम के साथ-साथ बोरान, जिंक और अन्य महत्वपूर्ण सुक्ष्मपोषक तत्व होते हैं।
- पोषण कार्य: मैग्नीशियम पत्तियों में हरापन (Chlorophyll) बनाने का मुख्य कार्य करता है, जिससे प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया बहुत तेज हो जाती है।
- फायदे (लाभ):
- शारीरिक क्रियाओं में तेजी: पौधे की चयापचय (Metabolic) और शारीरिक क्रियाएं तेज होती हैं, जिससे रोपों की वृद्धि स्वस्थ तरीके से होती है।
- भरपूर फूलकली निकलना: प्रकाश संश्लेषण बेहतर होने से पौधे को भरपूर मात्रा में फूलकलियां निकालने के लिए ऊर्जा और प्रोत्साहन मिलता है।
- परागण और सेटिंग: इसमें मौजूद सूक्ष्म पोषक तत्वों (विशेषकर बोरान और जिंक) के कारण परागण (Pollination) उत्तम तरीके से होता है, फूलों की सेटिंग पक्की होती है और फूल झड़ने की समस्या रुकती है।
३. ड्रिप हेनीग सोल्युशन (11:44:11)
- घटक और प्रमाण: इसमें फास्फोरस (Phosphorus) सबसे अधिक 44% होता है, साथ ही नाईट्रोजन और पोटाश 11-11% होते हैं।
- पोषण कार्य: यह खाद सीधे जड़ों के संपर्क में जाकर मिट्टी में बिना फिक्स (अउपलब्ध) हुए, जड़ों द्वारा तुरंत अवशोषित कर ली जाती है।
- लाभ:
- सफेद जड़ों (White Roots) का विकास: यह एक बेहतरीन ‘रूट प्रमोटर’ है, जिसके कारण स्ट्रौबेरी के बेड में नई सफेद जड़ों का विकास बहुत तेजी से होता है।
- पोषण अवशोषण क्षमता: जितनी अधिक और स्वस्थ जड़ें होंगी, मिट्टी से अन्य जरूरी पोषक तत्व खींचने की पौधे की क्षमता उतनी ही बढ़ जाएगी।
- ऊर्जा का मुख्य स्रोत: फूलकली निकलने और पौधे के विकास के इस महत्वपूर्ण समय में पौधे को एटीपी (ATP) के रूप में निरंतर और उच्च स्तर की ऊर्जा मिलती रहती है।
मात्रा:
छिड़कांव:
- डीपी 98: 2 मिली प्रती लीटर पानी
- मायक्रोमैक्स: 1 मिली प्रती लीटर पानी
ड्रिप:
- हेनीग सोल्युशन: 3 किलो प्रती एकड़



