कपास की 15 से 25 दिन की रोपवस्था (शुरुआती वानस्पतिक विकास का समय) फसल के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस दौरान पौधे की जड़ें फैल रही होती हैं और नई शाखाएं बन रही होती हैं।
बायो 20- (NPK 20:20:20, सुक्ष्मपोषकतत्व, हार्मोन्स और सीवीड) और साथ में जिंक का इस्तेमाल मुख्य रूप से फुटन (शाखाओं का विकास), सफ़ेद जड़ों (White Roots) के फैलाव और पीलेपन को दूर करने के लिए बेहत ही कारगर है।
1. बायो 20 – NPK 20:20:20
- पीलापन दूर करना: इसमें मौजूद 20% नाईट्रोजन पौधे को तुरंत हरा-भरा करती है और शुरुआती पीलापन दूर करती है।
- फुटन और बढ़वार: यह पौधे को समान रूप से नाईट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश देता है, जिससे पौधे की शुरुआती वानस्पतिक बढ़वार तेजी से होती है और नई फुटन (branches) निकलती हैं।
2. सीवीड और बायो-स्टिमुलेंट ( Seaweed & Bio-stimulants )
- सफ़ेद जड़ का विकास: सीवीड में प्राकृतिक रूप से साइटोकिनिन और औक्सिन जैसे हार्मोंस होते हैं, जो सफ़ेद जड़ों (white roots) के विकास को बहुत तेजी से बढ़ावा देते हैं।
- तनाव से सुरक्षा: यह शुरुआती अवस्था में पौधे को तापमान में उतार-चढ़ाव या नमी की कमी जैसे पर्यावरणीय तनाव से बचाते हैं और पौधे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
3. किंगफोल जिंक 70:
- जिंक की कमी और पीलापन: यह जिंक का उच्च सांद्रता वाला (Suspension Concentrate) स्रोत है। शुरुआती अवस्था में अक्सर जिंक की कमी से पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं या उनकी बढ़वार रुक जाती है (जिसे लिटिल लीफ या क्लोरोसिस कहते हैं), यह इसे तुरंत ठीक करता है।
- एन्जाईम और हार्मोन एक्टिवेशन: जिंक पौधे के अंदर हार्मोन (जैसे औक्सिन) और प्रोटीन के निर्माण में मदद करता है, जिससे पौधे की नई शाखाओं और पत्तियों का विकास स्वस्थ तरीके से होता है।
मात्रा:
- बायो 20: 2 मिली प्रती लीटर पानी
- किंगफोल जिंक 70: 0.5 मिली प्रती लीटर पानी
( साथ में अन्य फफुंदनाशक और कीटनाशक मिला सकते है। )


