स्ट्रौबेरी खेती में रोपाई के बाद का 15वां दिन पौधे के जीवन का एक बेहद अहम पड़ाव होता है। शुरुआती बढ़वार के बाद इस चरण में पौधे को फंगस, कीटों और बैक्टीरियल रोगों से बचाने के लिए आंतरिक रूप से मजबूत करने तथा उसके आंतरिक पोषण संतुलन को ठीक करने की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।
इस महत्वपूर्ण चरण को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए 15वें दिन के इस शेड्यूल (फोलियर स्प्रे और ड्रिप सिंचाई) में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न पोषक तत्वों और उनके विशिष्ट लाभों की विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:
- फोलियर स्प्रे (पत्तियों पर छिड़कांव)
- डीपी 98 (NPK 6:37:17):
- यह साधारण फास्फोरस से अलग होता है, जो पौधे के अंदर जाइलम और फ्लोएम (दोनों नलिकाओं) में आसानी से संचार करता है। इससे पौधे के भीतर प्राकृतिक रूप से फंगस (बुरशी) और जीवाणु जनित (Bacterial) रोगों से लड़ने की मजबूत प्रतिरोधक क्षमता पैदा होती है।
- C:N रेशो में सुधार: इसमें मौजूद फास्फोरस और पोटाश पौधे के कार्बन और नाईट्रोजन (C:N) के अनुपात को संतुलित करते हैं, जिससे पौधा अनावश्यक रूप से कमजोर या लंबा होने के बजाय मजबूत और टिकाऊ बनता है।
- किंगफ़ोल ज़िंक 70 (जिंक औक्साइड):
- यह उच्च गुणवत्ता वाला जिंक स्रोत है जो पौधों में एन्जाईम को सक्रिय करता है। यह पत्तियों की बनावट को सुधारता है और कीटों व पर्यावरणीय तनाव के खिलाफ पौधे की Defense Mechanism को मजबूत करता है।
- ड्रिप:
- अल्बर्ट सोल्युशन (NPK 10:09:16 + 13% CaO + Mg + S + सुक्ष्मपोषकतत्व):
- कैल्शियम (13% CaO): कैल्शियम पौधे की कोशिका भित्ति (Cell Wall) को सख्त और मजबूत बनाता है। मजबूत सेल वॉल होने के कारण फंगस और कीट आसानी से पौधे की त्वचा को भेद नहीं पाते हैं।
- मैग्नीशियम और सल्फर (Mg + S): यह क्लोरोफिल निर्माण और प्रोटीन संश्लेषण को तेज करते हैं, जिससे पौधे में ऊर्जा बनी रहती है।
- संतुलित NPK (10:09:16): यह शुरुआती अवस्था के बाद पौधे को स्थिर और संतुलित पोषण देता है।
- किंगफ़ोल ज़िंक 70 (जिंक औक्साइड):
- ड्रिप के माध्यम से जड़ क्षेत्र में जिंक मिलने से मिट्टी के भीतर सफेद जड़ों (White Roots) का विकास बहुत तेजी से होता है, जिससे जड़ें सघन और स्वस्थ बनती हैं।
- पोषक तत्वों और उनके कार्यों के हिसाब से मुख्य लाभ
- रोग प्रतिरोधक क्षमता (Disease Resistance): DP98 का फास्फोरस और जिंक मिलकर पौधे में एक सुरक्षा कवच बनाते हैं, जिससे फंगस, ब्लाइट या बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा टल जाता है।
- संतुलित वानस्पतिक बढ़वार (C:N Ratio): सही मात्रा में फास्फोरस और पोटाश मिलने से पौधे का आंतरिक मेटाबोलिज्म सुधरता है, जिससे पौधे की ग्रोथ संतुलित और स्वस्थ होती है।
- सफेद जड़ों का विस्तार: अल्बर्ट सोल्युशन और जिंक के कोम्बिनेशन से नई और सक्रिय सफेद जड़ें तेजी से फूटती हैं, जो पौधे के लिए मिट्टी से भोजन और पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करती हैं।
मात्रा:
छिड़कांव:
- डीपी 98 : 2 मिली प्रती लीटर पानी
- किंगफ़ोल ज़िंक 70 : 0.5 मिली प्रती लीटर पानी
ड्रिप:
- अल्बर्ट सोल्युशन : 4 किलो प्रती एकड़
- किंगफ़ोल ज़िंक 70: 250 मिली प्रती एकड़



