खीरे की फसल में शुरुआती दिन बहुत नाजुक और महत्वपूर्ण होते हैं। तीसरे और सातवें दिन की खुराक के बाद, 11वाँ दिन पौधे के आकार (Structure) और उसकी ग्रोथ को सही ट्रैक पर लाने के लिए बेहद अहम है।
इस स्टेज पर सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि पौधा जरूरत से ज्यादा लंबा और कमजोर (Leggy) न हो जाए। आइए जानते हैं 11वें दिन का परफेक्ट डोज और इसके फायदे:
- अल्बर्ट सोल्युशन (शीघ्र वृद्धि और फुटाव): (NPK 10:09:16 + 13% कैल्शियम + मैग्नीशियम + सल्फर + सुक्ष्मपोषकतत्व)
- संपूर्ण पोषण: इसमें NPK के साथ-साथ कैल्शियम (Ca), मैग्नीशियम (Mg) और सल्फर (S) जैसे सेकेंडरी पोषक तत्व और सुक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) होते हैं।
- तेज फुटाव: यह पौधे को शुरुआती धक्के से निकालकर तेजी से वानस्पतिक वृद्धि (Vegetative Growth) और नए फुटाव की तरफ ले जाता है।
- मजबूती: कैल्शियम और मैग्नीशियम पौधे की कोशिकाओं को मजबूत बनाते हैं, जिससे तना और पत्तियां स्वस्थ रहती हैं।
- फोर्टिफाय (विकास को सही दिशा और नियंत्रण): (NPK 00:61:41 + जिंक + मैंगनीज)
- लंबाई पर कंट्रोल: अक्सर शुरुआती दिनों में नाइट्रोजन मिलने से पौधे केवल ऊपर की तरफ लंबे और कमजोर होने लगते हैं। फोर्टिफाय (00:61:41) इस अनियंत्रित और लंबी वृद्धि को नियंत्रित (Control) करता है।
- गठीला तना: इसमें मौजूद फास्फोरस, पोटाश, जिंक और मैंगनीज पौधे को तंदुरुस्त, गठीला और मजबूत बनाते हैं, ताकि पौधा भविष्य में भारी वजन (फलों का भार) उठाने के लिए सक्षम बन सके।
मात्रा:
ड्रेंचिंग:
- अल्बर्ट सोल्युशन: 3 किलो प्रति एकड़
छिड़कांव:
- फोर्टिफाय: 2 मिली प्रती लीटर पानी
(इन उत्पादों के साथ अन्य उत्पाद जैसे फफूंदनाशक या कीटनाशक मिला सकते है।)


