टमाटर 56 दिन में संतुलित पोटाश की मात्रा का इस्तेमाल कैसे करे?
टमाटर की फसल जब 56 दिन की हो जाती है, तो वह अपनी मुख्य उत्पादन अवस्था (Peak Fruiting Stage) में होती है। इस समय जेरार्ड सोल्यूशन और सिक्वेन्शियल – 2 का संयोजन बहुत ही बढ़िया कम करता है ।
इन खादों के इस्तेमाल से होने वाले लाभ:
- वानस्पतिक वृद्धि पर नियंत्रण (Limited Vegetative Growth)
56 दिन के बाद किसान अक्सर चाहते हैं कि पौधा अब और ज्यादा पत्तियां या टहनियां ना निकाले, बल्कि अपनी पूरी ऊर्जा फलों को बड़ा करने में लगाए।
- कम नाईट्रोजन: जेरार्ड सोल्यूशन (5:08:40) और सिक्वेन्शियल – 2 (NPK 10:20:40) दोनों में नाईट्रोजन की मात्रा काफी कम और संतुलित है।
- लाभ: इससे पौधा ‘शाकाहारी बढ़वार’ (Vegetative growth) को रोककर अपना ध्यान ‘प्रजनन चक्र’ पर केंद्रित करता है। पौधा अनावश्यक रूप से लंबा होकर गिरता नहीं है।
- फल का साइज, आकार और वजन (Fruit Quality)
इन दोनों फार्मूले में पोटैशियम (K) की मात्रा सबसे अधिक (40%) है। पोटैशियम को ‘क्वालिटी तत्व’ कहा जाता है।
- साईज और वजन: 40% पोटैशियम फलों के अंदर शर्करा और रस के प्रवाह को बढ़ाता है, जिससे टमाटर का आकार ठोस और भारी बनता है।
- समान आकार: इससे फल टेढ़े-मेढ़े नहीं होते और पूरी फसल एक समान साईज दिखाई देती है।
- चमक (Shine): यह फलों की उपरी सतह (त्वचा) को चमकदार और गहरा लाल बनाने में मदद करता है, जिससे मंडी में ऊंचे दाम मिलते हैं।
- मैग्नीशियम (Mg) की भूमिका
जेरार्ड सोल्यूशन में मौजूद मैग्नीशियम इस अवस्था में ‘पावर हाउस’ का काम करता है।
- हरापन: फल लोड बढ़ने पर अक्सर पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं, मैग्नीशियम क्लोरोफिल को बनाए रखता है जिससे पौधा भोजन बनाना जारी रखता है।
- मजबूती: यह पौधे को फलों का भारी वजन सहने की ताकत देता है।
- स्प्रे में सिक्वेन्शियल – 2 (NPK 10:20:40)
चूंकि यह स्प्रे के माध्यम से दिया जाता है, इसलिए इसके परिणाम बहुत जल्दी (3-5 दिन में) दिखने लगते हैं।
- तत्काल ऊर्जा: इसमें मौजूद 20% फास्फोरस नए फूलों को सेट करने और पहले से बने हुए फलों को झड़ने से रोकने में मदद करता है।
- तनाव से मुक्ति: अधिक तापमान या पानी की कमी की स्थिति में भी यह पौधों को सूखने से बचाता है।
मात्रा
स्प्रे
- सिक्वेन्शियल – 2 : 2 मिली प्रती लीटर पानी
जमीन से,
- जेरार्ड सोल्युशन: 4 किलो प्रती एकड़


