10. मिर्च 53-55 दिन मे सेट माल कि साईज, नये फुल और नई सैटिंग के लिए क्या दे?

मिर्च की फसल जब 53-55 दिन की हो जाती है, तो यह “पीक फ्रूटिंग” (Peak Fruiting) यानी फलों के तेजी से विकास की अवस्था होती है। इस समय पौधे को नाईट्रोजन (N) की कम और फास्फोरस (P) व पोटाश (K) की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।

ओ’नील (0:40:39 + फेरस + मैग्नीशियम) ग्रेड इस अवस्था के लिए एक आदर्श खाद है।

  1. फास्फोरस और पोटाश (0:40:39) का संबंध

मिर्च के साइज और वजन के लिए फास्फोरस और पोटाश का यह अनुपात (लगभग 1:1) बहुत महत्वपूर्ण है:

  • फास्फोरस (40%): 55 दिन की अवस्था में भी नए फूल आना जारी रहते हैं। फास्फोरस जड़ों को ऊर्जा देता है और एटीपी (ATP) के माध्यम से फूलों से फल बनने की प्रक्रिया को गति देता है। यह फल के बीज के विकास में भी मदद करता है।
  • पोटाश (39%): यह “कौलिटी तत्व” है। यह पौधे के अंदर कार्बोहाइड्रेट और शर्करा को पत्तियों से फलों की ओर भेजता है। इससे मिर्च का वजन बढ़ता है, छिलका मोटा होता है और मिर्च में तीखापन व चमक आती है।
  • संबंध: फास्फोरस नई कोशिकाओं का निर्माण करता है और पोटाश उन कोशिकाओं को पानी और पोषक तत्वों से भरता है। बिना पोटाश के मिर्च लंबी तो होगी लेकिन हल्की और खोखली रह जाएगी।
  1. फेरस और मैग्नीशियम की भूमिका

इस अवस्था में सूक्ष्म पोषक तत्व इंजन के तेल की तरह काम करते हैं:

  • मैग्नीशियम (Mg): यह क्लोरोफिल का मुख्य हिस्सा है। 55 दिन पर फल का लोड बढ़ने से पौधा पीला पड़ सकता है। मैग्नीशियम पौधे को गहरा हरा रखता है और भोजन बनाने की क्षमता (Photosynthesis) को 50% तक बढ़ा देता है।
  • फेरस (Fe): यह श्वसन क्रिया और  एन्जाईम  के कामकाज के लिए जरूरी है। फेरस की कमी से नई पत्तियां पीली पड़ जाती हैं। यह पोटाश के अवशोषण (Absorption) में मदद करता है ताकि फल का साइज तेजी से बढ़े।
  1. मिर्च के साइज (Size) पर असर

इस ग्रेड (0:40:39 + Fe + Mg) का प्रयोग करने से मिर्च के भौतिक गुणों में बदलाव आते हैं,

  • लम्बाई और मोटाई: पोटाश और मैग्नीशियम के तालमेल से मिर्च की दीवार (Wall thickness) मोटी होती है, जिससे वह ठोस बनती है।
  • चमक (Luster): पोटाश मिर्च को एक प्राकृतिक चमक और फिनिश देता है, जिससे बाजार में वह ताजी और गहरे रंग की दिखती है।
  • झुकने से बचाव: नाईट्रोजन न होने के कारण पौधा केवल वानस्पतिक वृद्धि नहीं करता, बल्कि अपनी पूरी ऊर्जा फलों को बड़ा करने में लगाता है। इससे मिर्च मुड़ती (Bent) नहीं है और सीधी लम्बी होती है।
  1. प्रयोग करने का तरीका और सावधानी
  • ओ’नील : 3  किलो प्रति एकड़ (ड्रिप के माध्यम से) या 5 ग्राम प्रति लीटर पानी (स्प्रे के माध्यम से)।

टिप:

  • नाईट्रोजन क्यों नहीं? इस अवस्था में यदि आप अधिक नाईट्रोजन देंगे, तो पौधा फिर से बढ़ने लगेगा और बने हुए फूल या छोटी मिर्चियां गिर सकती हैं। इसलिए बिना नाईट्रोजन वाला यह ग्रेड (0:40:39) सबसे सुरक्षित और प्रभावी है।
  • पानी का प्रबंधन: जब आप हाई फास्फोरस और पोटाश दें, तो ध्यान रहे कि खेत में हल्की नमी बनी रहे।

onil

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