फसल की शाखा वृद्धि एवं फुटन की अवस्था के लिए यह एक बहुत ही संतुलित खाद एवं उर्वरक प्रबंधन की जरुरत होती है। इस अवस्था में पौधे को ग्रोथ, अधिक फुटाव (कल्ले), मजबूत शाखाएं और स्वस्थ सफेद जड़ों के विकास की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।
छिड़काव (Foliar Spray) – बायो 20 + जिंक 70
- बायो 20 (NPK 20:20:20 + Seaweed + Micronutrients + Hormones): इसमें संतुलित मुख्य पोषक तत्व (नाईट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश) के साथ-साथ सीवीड (समुद्री घास का अर्क), सुक्ष्मपोषकतत्व और प्राकृतिक हार्मोन होते हैं। यह पौधे को तुरंत ऊर्जा देते हैं, पत्तियों का हरापन बढ़ाते हैं और नई शाखाओं के विकास को तेजी से प्रेरित करते हैं।
- जिंक 70 (Zinc): जिंक पौधों में एन्जाईम एक्टिविटी, औक्सिजन (हार्मोन्स) के संश्लेषण और क्लोरोफिल के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाता है। यह शुरुआती वृद्धि और नई पत्तियों के खुलने में मदद करता है।
जमीन से (Drip / Soil Application) – बेरी 48 (NPK 14:48:00 + Mg + TE)
- 14:48:00 (हाई फास्फोरस): इस खाद में फास्फोरस की मात्रा बहुत अधिक (48%) होती है। फास्फोरस को “रूट डेवलपर” (जड़ों का विकासक) कहा जाता है। यह जमीन के भीतर मजबूत और नई सफेद जड़ों (White Roots) के फैलाव के लिए सबसे जरूरी है। जितनी अधिक सफेद जड़ें होंगी, पौधा उतनी ही अधिक जमीन से खुराक खींच पाएगा।
- मैग्नीशियम (Mg) और सुक्ष्मपोषकतत्व (TE): यह प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया को तेज करते हैं और पौधे को पोषण की कमी से बचाते हैं।
मात्रा:
छिड़काव:
- बायो 20: 2 मिली प्रती लीटर पानी
- जिंक 70 (Zinc): 0.5 मिली प्रती लीटर पानी
ड्रिप / जमीन से:
- बेरी 48: 3 किलो प्रती एकड़
महत्वपूर्ण:
- नमी का ध्यान रखें: जमीन से खाद (बेरी 48) देने से पहले खेत में पर्याप्त नमी (वत्तर) होना आवश्यक है। सूखी मिट्टी में खाद देने से जड़ों को नुकसान हो सकता है।
- छिड़काव का समय: यदि संभव हो तो दोनों कार्य (छिड़काव और जमीन से खाद देना) एक ही दिन न करके 2-3 दिन के अंतराल पर करें, ताकि पौधे पर एक साथ अत्यधिक तनाव न आए।
- यदि आप सफेद जड़ों के विकास को और अधिक गति देना चाहते हैं, तो जमीन से दी जाने वाली खाद के साथ किसी अच्छी कंपनी का ह्यूमिक एसिड (Humic Acid) भी मिला सकते हैं।

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