प्याज रोपाई के बाद पहला स्प्रे – 8-15 दिन:
प्याज की रोपाई के शुरुआती 8-15 दिन बहुत नाजुक होते हैं। इस समय पौधा अपनी जड़ें जमाने की कोशिश कर रहा होता है और ‘ट्रान्सप्लांटिंग शॉक‘ (रोपाई का झटका) से गुजरता है।
- क्या दे…
- बायो 20: (20:20:20 NPK + Seaweed): इसमें नाईट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश बराबर मात्रा में होते हैं। फास्फोरस जड़ों के विकास में मदद करता है, जबकि सीवीड (Seaweed) पौधों में स्ट्रेस से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है।
- किंगफोल जिंक (Kingfol Zinc 70%): जिंक पौधों में ‘औक्सिन’ (Auxin) हार्मोन बनाता है, जो नई पत्तियों और कोशिकाओं के विकास के लिए जरूरी है। प्याज में यह चमक और पौधों की ऊंचाई बढ़ाने में मदद करता है।
- सुक्ष्मपोषकतत्व (Micro-nutrients): इसमें लोहा, बोरान, मैन्गेनीज आदि होते हैं जो प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) को तेज करते हैं।
- इससे होने वाले लाभ
- जल्द जड़ पकड़ना: फास्फोरस और सीवीड के कारण पौधा 3-4 दिन पहले जड़ें जमा लेता है।
- पीलासपन दूर होना: जिंक और सुक्ष्मपोषकतत्व रोपाई के बाद आने वाले पीलेपन को तुरंत खत्म करते हैं।
- मौसम से सुरक्षा: अगर अचानक तापमान बढ़ता है या घटता है, तो सीवीड पौधे को सूखने से बचाता है।
- मजबूत शुरुआत: पौधा शुरू से ही मोटा और हरा-भरा चलता है, जिससे आगे चलकर कंद (प्याज) का साइज अच्छा बनता है।
- महत्वपूर्ण सावधानियां
- नमी का ध्यान रखें: खेत में पर्याप्त नमी होने पर ही खाद दें। सूखे खेत में हैवी न्यूट्रिएंट्स या दाणेदार खाद देने से जड़ें जल सकती हैं।
- दूरी: रोपाई के ठीक 10वें दिन यह डोज देना सबसे आदर्श समय है।
- फंगीसाइड: अगर आपके क्षेत्र में जड़ सड़न (Root Rot) की समस्या ज्यादा है, तो इस घोल के साथ कार्बेंडाजिम + मैंकोजेब (Saaf) 2-3 ग्राम से भी मिला सकते हैं।
मात्रा:
- बायो 20: 2 मिली प्रती लीटर पानी
- किंगफोल जिंक 70 : 1 मिली प्रती लीटर पानी


