फ्लावरिंग (फूल आने) से फ्रूट सैटिंग (फल बनने) में कम नाईट्रोजन और जादा फास्फोरस और पोटाश की भूमिका
तरबूज की 28-30 दिन की अवस्था वह समय है जब बेलों का ढांचा तैयार हो चुका होता है और फसल “फ्लावरिंग” (फूल आने) से “फ्रूट सैटिंग” (फल बनने) की मुख्य अवस्था में प्रवेश कर रही होती है। इस समय पोषकतत्वों के अनुपात में बदलाव करना बहुत जरूरी है। कम नाईट्रोजन, ज्यादा स्फुरद (फास्फोरस) और ज्यादा […]
