स्ट्रौबेरी की फसल जब 50-55 दिन की होती है, तो यह अमूमन फूल आने और शुरुआती फल विकास का एक बहुत ही महत्वपूर्ण चरण होता है। इस अवस्था में पौधों को सही पोषण मिलने से पैदावार और फलों की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ता है। इस नाजुक दौर में पौधों को सही पोषण और संतुलित खाद-प्रबंधन की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, ताकि एक भी फूल झड़े बिना मजबूत और चमकदार फलों में बदल सके।
1. सीए+बी (छिड़काव)
- पोषक तत्व: कैल्शियम और बोरान
- कार्य और लाभ:
- फूलों की सेटिंग: बोरान परागीभवन और परागकणों के विकास में मदद करता है, जिससे अधिक से अधिक फूल टिकते हैं और झड़ते नहीं हैं।
- फलों की गुणवत्ता: कैल्शियम फलों की कोशिका भित्ति (Cell Wall) को मजबूत बनाता है। इससे फलों पर काले धब्बे (जैसे ब्लॉसम-एंड रोट या अन्य दाग) नहीं आते और फल अंदर से सख्त व स्वस्थ रहते हैं।
- साईज और आकार: इस अवस्था में कैल्शियम और बोरान के छिड़काव से स्ट्रॉबेरी का आकार, चमक और साइज-पॉइंट बेहतर बनता है।
2. लीबीग (6:24:36 + मैग्नीशियम) : ड्रिप
तत्व: नाईट्रोजन (6%), फॉस्फोरस (24%), पोटाश (36%) और मैग्नीशियम (Mg)
कार्य और लाभ:
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- फास्फोरस (24%): यह इस अवस्था में जड़ों की सक्रियता को बनाए रखता है और नए फूलों के निर्माण में मदद करता है।
- पोटाश (36%): 50-55 दिन की अवस्था में फलों का आकार और वजन बढ़ाने के लिए पोटाश सबसे मुख्य पोषक तत्व है। यह फलों में मिठास, रंग और चमक भी लाता है।
- मैग्नीशियम: यह पौधों में क्लोरोफिल के निर्माण को बढ़ाता है, जिससे प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) तेज होता है और पौधों की कार्यक्षमता बढ़ती है।
3. लिपमैन कोम्बी (Micronutrient Mixture): ड्रिप
- तत्व: सुक्ष्मपोषकतत्व (जैसे फेरस/आयरन, मैन्गेनीज, जिंक, कोपर, बोरान, मोलिब्डेनम और कोबाल्ट)
- कार्य और लाभ:
- पीलापन दूर करना (फेरस और मैग्नीशियम के कारण): मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी या असंतुलन के कारण कई बार नई या पुरानी पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं (Chlorosis)। इसमें मौजूद फेरस और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व पौधों में हरापन लौटाते हैं।
- जैविक क्रियाओं में सुधार: यह पौधों के भीतर एन्जाईम गतिविधियों और मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त करता है, जिससे पौधे तनाव मुक्त रहते हैं और तेजी से विकास करते हैं।
मात्रा:
छिड़कांव:
- सीए+बी: 2 मिली प्रती लीटर पानी
ड्रिप:
- लिबीग : 4 किलो प्रती एकड़
- लिपमैन कोम्बी : 500 ग्राम प्रती एकड़
(50-55 दिन के इस खाद और स्प्रे प्रबंधन से स्ट्रौबेरी के पौधों को संतुलित पोषण मिलता है। इससे पौधों का पीलापन दूर होता है, फूलों की सेटिंग शत-प्रतिशत होती है, और आगे चलकर बेदाग, चमकदार एवं बेहतरीन साइज के फल प्राप्त होते हैं।)



