खीरा फसल के 42वें दिन बायो 20, कैलमेक्स गोल्ड और ड्रिप में बोरोनेटेड कैल्शियम नाईट्रेट याने मार्क सोल्युशन का यह कोम्बिनेशन फसल को चरम विकास पर ले जाने के लिए एक बेहतरीन शेड्यूल है।
इस अवस्था में दिए जाने वाले इन पोषकतत्वों और उनके फायदों को विस्तार से समझते हैं:
1. बायो 20 (NPK 20:20:20 + सुक्ष्मपोषकतत्व + सीवीड + हार्मोन)
42वें दिन खीरे की बेल पर फल हार्वेस्टिंग (तुड़ाई) के साथ-साथ नए फूल और फल भी बन रहे होते हैं। ऐसे में पौधे को एक साथ कई चीजों की जरूरत होती है:
- संतुलित NPK (20:20:20): नाईट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का यह समान अनुपात पौधे को समग्र ऊर्जा, नई पत्तियों के विकास और लगातार फल बनने के लिए जरूरी ताकत देता है।
- सीवीड (Seaweed Extract): सीवीड समुद्री शैवाल से बनता है, जो पौधों में प्राकृतिक हार्मोन (औक्सिन, साइटोकाइनिन और जिबरेलिन) को सक्रिय करता है।
- फायदा: साइटोकाइनिन कोशिकाओं के विभाजन (Cell Division) को तेज करता है जिससे फलों की संख्या बढ़ती है, और औक्सिन फल को एक सही दिशा और आकार में बढ़ने में मदद करता है। सीवीड पौधे को गर्मी, सूखा या तनाव (Stress) से भी बचाता है।
2. कैलमेक्स गोल्ड (कैल्शियम + अमीनो एसिड + मैग्नीशियम + सुक्ष्मपोषकतत्व)
- कैल्शियम + अमीनो एसिड: अमीनो एसिड एक ‘वाहन’ (Chelating Agent) का काम करता है। जब कैल्शियम के साथ अमीनो एसिड मिलता है, तो पौधे की पत्तियां और जड़ें कैल्शियम को बहुत तेजी से और आसानी से सोख (Absorb) लेती हैं।
- मैग्नीशियम और सुक्ष्मपोषकतत्व: यह पौधे में क्लोरोफिल की मात्रा को बनाए रखते हैं ताकि पत्तियां हरी रहें और प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया तेज हो, जिससे पौधे द्वारा बनाया गया भोजन सीधे फलों तक पहुंचे।
- फायदा (टेढ़े-मेढ़े फल रुकना): कैल्शियम और बोरान की सही मात्रा मिलने से फलों की स्किन टाइट और मजबूत होती है, जिससे फल बीच से मुड़ते नहीं हैं और उनकी साइज एकसमान, सीधी और आकर्षक दिखती है।
3. ड्रिप मार्क सोल्युशन: बोरोनेटेड कैल्शियम नाईट्रेट
- कैल्शियम नाईट्रेट: यह ड्रिप के माध्यम से जड़ों को तुरंत उपलब्ध होने वाला कैल्शियम और नाईट्रोजन देता है, जिससे तना और जड़ें मजबूत होती हैं।
- बोरान (Boronated): जैसा कि आपने पहले भी समझा, बोरान कैल्शियम को पौधे के सही अंगों (विशेषकर बढ़ते हुए फलों और नई फुटन) तक पहुँचाने का काम करता है। ड्रिप से देने पर यह जड़ क्षेत्र में पोषण का संतुलन बनाए रखता है।
4. फलों की रंगत, वजन और चमक
इन सभी के मिलने से खीरे की फसल पर जो प्रभाव पड़ता है, वह साफ दिखाई देता है:
- रंगत और चमक: सीवीड और सुक्ष्मपोषक तत्वों के कारण खीरे का छिलका गहरा हरा, चमकदार और प्रीमियम क्वालिटी का बनता है।
- वजन और आकार: संतुलित पोषण और हार्मोनल सपोर्ट से फल अंदर से ठोस बनते हैं, जिससे प्रति फल वजन (Fruit Weight) बढ़ता है और बाजार में अच्छा भाव मिलता है।
- टेढ़े-मेढ़े फल से बचाव: कैल्शियम और बोरान की युति यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी फल टेढ़ा (Deformed) न हो और सभी फल एक ही साइज (Uniform Size) के निकलें।
मात्रा:
छिड़कांव:
- बायो 20: 2 मिली प्रती लीटर पानी
- कैलमेक्स गोल्ड: 2 मिली प्रती लीटर पानी
ड्रिप
- मार्क सोल्युशन: बोरोनेटेड कैल्शियम नाईट्रेट – 5 किलो प्रती एकड़



