खीरा 36वां दिन: कैल्शियम, बोरान और ड्रिप पोषण प्रबंधन – मिले भरपूर फुल और कौलिटी उत्पाद

खीरा फसल के 36वें दिन कैल्शियम-बोरान के साथ सुक्ष्म पोषकतत्व (मायक्रोमैक्स) और ड्रिप के माध्यम से दिए पोषकतत्वों में मुख्यतः फास्फोरस और पोटाश याने लिबीग 06:24:36 + मैग्नीशियम और माईक्रोन्यूट्रिएंट्स) के इस कोम्बिनेशन की जरुरत होती है।

  1. सीए+ बी (कैल्शियम + बोरान)

यह दोनों पोषक तत्व मिलकर पौधे में एक ‘सिस्टम’ की तरह काम करते हैं:

  • कैल्शियम की भूमिका: कैल्शियम पौधे की कोशिका भित्ति (Cell Wall) को मजबूत बनाता है। जब खीरे की फसल तेजी से बढ़ रही होती है (30-40 दिन के आसपास), तो नई पत्तियों, तनों और फूलों को मजबूत ढांचे की जरूरत होती है। कैल्शियम से कोशिकाएं मजबूत होती हैं, जिससे पौधे में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
  • बोरान की भूमिका: बोरान एक ‘ट्रांसपोर्टर’ का काम करता है। यह पौधे के दूसरे हिस्सों से कैल्शियम को खींचकर उन जगहों पर पहुंचाता है जहां उसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है (जैसे नई बढ़वार और फल बनने की जगह)।
  • और फल का आकार: जब कैल्शियम और बोरान की कमी होती है, तो जड़ें मुड़ने लगती हैं, नई पत्तियां सिकुड़ जाती हैं और फल टेढ़े-मेढ़े (Deformed) निकलते हैं। इन दोनों के मिलने से कोशिका विभाजन (Cell Division) सही से होता है, जिससे जड़ें सीधी और स्वस्थ बढ़ती हैं तथा खीरे का आकार एकसमान और सीधा रहता है।
  1. मायक्रोमैक्स (मैग्नीशियम + सुक्ष्म पोषक तत्व)
  • मैग्नीशियम (Mg): यह क्लोरोफिल का मुख्य घटक है। इसके बिना पत्तियां हरी नहीं रह सकतीं। मैग्नीशियम पौधे में भोजन (प्रकाश संश्लेषण या Photosynthesis) बनाने की प्रक्रिया को तेज करता है।
  • सुक्ष्मपोषकतत्व (Iron, Zinc, Manganese, Copper, Molybdenum): ये वे तत्व हैं जिनकी पौधे को बहुत कम मात्रा में जरूरत होती है, लेकिन इनके बिना पौधे के मेटाबॉलिज्म (जैविक क्रियाएं) रुक जाती हैं।
  • फायदा: इससे पौधा हरा-भरा रहता है, भोजन तेजी से बनता है और वह भोजन फूलों तथा छोटे फलों तक पहुंचता है, जिससे फसल की कुल पैदावार और चमक बढ़ती है।
  1. ड्रिप के माध्यम (6:24:36 + मैग्नीशियम + माईक्रोन्यूट्रिएंट्स)
  • फास्फोरस (24): इस अवस्था में फास्फोरस जड़ों के विकास और फूलों की संख्या बढ़ाने में मदद करता है।
  • पोटाश (36): पोटाश फल भरने (Fruit Development) की अवस्था का सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। यह फल का आकार बढ़ाने, वजन देने, मिठास लाने और छिलके की चमक सुधारने का काम करता है।
  • फायदा: ड्रिप से देने पर ये सभी पोषक तत्व सीधे पौधे की जड़ों तक तुरंत पहुंचते हैं, जिससे खाद की बर्बादी नहीं होती और फसल को तुरंत ताकत मिलती है।

मात्रा:

छिड़कांव:

  • सीए+बी : 2 मिली प्रती लीटर पानी
  • मायक्रोमैक्स: 1 मिली प्रती लीटर पानी

ड्रिप

लिबीग – 3 किलो प्रती एकड़

 

ca+b

micromax

lebieg

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