खीरे की फसल में 26वें दिन अल्बर्ट सोल्युशन (NPK 10:09:16 + 13% कैल्शियम + मैग्नीशियम + सल्फर + सुक्ष्मपोषकतत्व) के प्रयोग से फूल सेटिंग (Fruit Setting) में बहुत जबरदस्त मदद मिलती है।
इसके पीछे की वैज्ञानिक कार्यप्रणाली को विस्तार से समझते हैं:
1. फूल सेटिंग हेतु मुख्य लाभ
- फूलों का टिकना और फल में बदलना: 26वें दिन बाद जब पौधा भरपूर फूल दे रहा होता है, तो सबसे बड़ी समस्या फूलों के झड़ने (Flower Drop) याने पीले पडके गिरने की होती है। अल्बर्ट सोल्युशन इस समस्या को रोककर अधिकतम फूलों को स्वस्थ फलों में बदलने (Fruit Set) का काम करता है।
- पोषक तत्वों का संतुलन: इसमें मौजूद एनपीके के साथ-साथ सेकेंडरी और माईक्रोन्यूट्रिएंट्स पौधे की ऊर्जा को टूटने नहीं देते, जिससे युवा फलों को लगातार पोषण मिलता रहता है।
- तने और डंठल की मजबूती: यह फूलों के डंठल (Pedicel) को मजबूत बनाता है ताकि हवा या पानी के दबाव से फूल या छोटे फल टूटकर गिरें नहीं।
2. वैज्ञानिक कार्यप्रणाली (Physiological Mechanism)
- कैल्शियम (Ca) और कोशिका भित्ति का निर्माण (Cell Wall Integrity): अल्बर्ट सोल्युशन में मौजूद 13% कैल्शियम पौधे में ‘कैल्शियम पेक्टेट’ का निर्माण करता है, जो फूलों और नवजात फलों की कोशिकाओं की दीवारों (Cell Walls) को मजबूत और लचीला बनाता है। जब फूलों की संरचना मजबूत होती है, तो वे प्राकृतिक रूप से लंबे समय तक टिकते हैं और आसानी से झड़ते नहीं हैं।
- मैग्नीशियम (Mg) और प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis Booster): मैग्नीशियम क्लोरोफिल अणु का केंद्रीय परमाणु है। इस स्टेज पर पौधे को भारी मात्रा में भोजन (शर्करा) की आवश्यकता होती है। मैग्नीशियम पत्तियों को गहरा हरा और सक्रिय रखता है, जिससे प्रकाश संश्लेषण तेज होता है और पौधे द्वारा बनाया गया भोजन सीधे विकसित हो रहे फूलों और फलों तक पहुंचता है।
- पोटाश (K) और परागण : फार्मूले में मौजूद पोटाश (16%) पौधे के भीतर पानी और पोषक तत्वों के परिवहन (Translocation) को नियंत्रित करता है। यह परागकणों (Pollen Grains) की जीवन क्षमता को बढ़ाता है, जिससे निषेचन (Pollination & Fertilization) सफल होता है और शत-प्रतिशत फूल टिकने लगते हैं।
- सल्फर (S) और सूक्ष्म पोषक तत्वों की भूमिका: सल्फर प्रोटीन और अमीनो एसिड के संश्लेषण में मदद करता है, जो फूलों की गुणवत्ता सुधारते हैं। साथ ही, सुक्ष्मपोषकतत्व एन्जाईम्स को एक्टिव करते हैं ताकि पौधे का हार्मोनल संतुलन सही रहे और ‘फ्रूट सेट’ सुचारू रूप से हो सके।
मात्रा: ड्रिप से
अल्बर्ट सोल्युशन: 3 किलो प्रती एकड़

