खीरे की फसल के 21वें दिन का यह चरण पौधे के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण मोड़ होता है। इस समय पौधा वानस्पतिक वृद्धि से निकलकर फूल और फल (Flowering & Fruiting) की तैयारी कर रहा होता है। तो इसके लिए,
1. छिड़काव:
- डीपी 98 (6:37:17):
- इसमें नाईट्रोजन (6%), फास्फोरस (37%) और पोटाश (17%) का विशेष संतुलन होता है।
- फायदे: जब इसे पत्ते पर स्प्रे किया जाता है, तो यह पौधे को तुरंत ऊर्जा और फास्फोरस देता है। फास्फोरस की उच्च मात्रा होने के कारण यह सीधे तौर पर फूलों की कलियों (Flower Buds) के निर्माण को प्रेरित करती है।
- जिंक 70 (जिंक औक्साइड):
- पत्तियों मजबूत होना: जिंक पौधे की कोशिकाओं की दीवार (Cell Walls) को मजबूत बनाता है। इसके स्प्रे से खीरे की पत्तियां थोड़ी मोटी, चौड़ी और रफ हो जाती हैं। पत्तियां मजबूत होने से रस चूसने वाले कीटों (Sucking Pests) और बीमारियों का खतरा कम होता है।
- हार्मोन्स का संतुलन: जिंक पौधे के भीतर औक्सिन हार्मोन बनाने में मदद करता है, जो पौधे की हेल्थ के लिए जरूरी है।
2. ड्रिप के माध्यम से:
- हेनीग सोल्युशन (11:44:11):
- फास्फोरस का स्तर बढ़ाना: जब इसे जमीन के रास्ते (ड्रिप) दिया जाता है, तो यह मिट्टी के रूट ज़ोन में फास्फोरस के स्तर को तेजी से बढ़ाता है।
- अच्छा कुसुमित (अत्यधिक और स्वस्थ फूल): फास्फोरस को फूलों की जननी कहा जाता है। जमीन से मिलने वाला यह फास्फोरस जड़ों को गहराई तक शक्ति देता है और पौधे को संकेत देता है कि अब वह भरपूर मात्रा में फूल (Flowers/Blossoms) निकाले। इससे फसल में बंपर कुसुमित (फ्लारिंग) होती है।
इस 21वें दिन से,
जब आप 21वें दिन ऊपर से (Spray) डीपी 98 और जिंक देते हैं तथा नीचे से (Drip) हेनीग सोल्युशन 11:44:11 देते हैं, तो पौधे को दोनों तरफ से जबरदस्त ताकत मिलती है। जड़ें मजबूत होती हैं, पत्तियां कीटों से लड़ने के लिए रफ और सख्त बनती हैं, और पौधे में अनगिनत फूलों की कलियां विकसित होने लगती हैं—जो आगे चलकर बंपर पैदावार की गारंटी बनती हैं।
इस्तेमाल करने का तरीका
छिडकांव:
- डीपी 98: 2 मिली प्रती लिटर पानी
- किंगफोल जिंक 70: 0.5 मिली प्रती लिटर पानी
ड्रिप:
- हेनीग सोल्युशन: 3 किलोग्राम प्रति एकड़
सावधानी: खाद को जमीन में देते समय खेत में पर्याप्त नमी (Moisture) होना बहुत जरूरी है, तभी जड़ें इसका पूरा लाभ उठा पाती हैं।



