खीरे की फसल में 15वें दिन छिड़काव (Spray) के लिए उपयोग होने वाले बायो 20 और मायक्रोमैक्स दोनों ही उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी नीचे दी गई है:
1.छिडकांव
A. बायो 20
बायो 20 एक एडवांस्ड लिक्विड फर्टिलाइजर और टॉनिक है, जिसमें संतुलित मात्रा में NPK (20:20:20), विभिन्न सुक्ष्मपोषकतत्व (Micronutrients), सीवीड़ (Seaweed Extract) और प्राकृतिक प्लांट हार्मोन्स का मिश्रण होता है।
मुख्य लाभ:
- दैनिक ऊर्जा और भोजन: इसमें मौजूद NPK (20:20:20) पौधे को तुरंत और संतुलित पोषण देता है, जिससे पौधे की पत्तियां हरी-भरी और तना स्वस्थ रहता है।
- सीवीड़ और हार्मोन्स का कमाल: इसमें मिला समुद्री शैवाल (Seaweed) और हार्मोन पौधे की अंदरूनी ताकत को बढ़ाते हैं। इससे पौधे में तेजी से नई शाखाएं और पत्तियां फूटती हैं।
- तनाव प्रतिरोधक: 15वें दिन के आसपास जब मौसम में गर्मी या उतार-चढ़ाव शुरू होता है, तो बायो 20 पौधे को ‘हीट स्ट्रैस’ (गर्मी के तनाव) से बचाता है और पौधे को मुरझाने नहीं देता।
- इम्यूनिटी बढ़ाना: यह पौधे के प्राकृतिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करता है, जिससे शुरुआती अवस्था में वायरस (विषाणु) या अन्य बीमारियों से लड़ने में पौधे को मदद मिलती है।
B. मायक्रोमैक्स (Mg + सुक्ष्मपोषकतत्व)
मायक्रोमैक्स एक विशेष सुक्ष्मपोषकतत्वों (Micronutrients) का मिश्रण है, जिसमें मुख्य रूप से मैग्नीशियम (Magnesium – Mg) के साथ-साथ जिंक, आयरन, बोरान, मैन्गेनीज और कोपर जैसे जरूरी तत्व मौजूद होते हैं।
मुख्य लाभ:
- क्लोरोफिल निर्माण और हरापन (Magnesium का महत्व): मैग्नीशियम क्लोरोफिल (पत्तियों के हरे पिगमेंट) का मुख्य हिस्सा होता है। इसके होने से पत्तियां गहरी हरी, चमकदार और चौड़ी बनती हैं, जिससे पौधे की प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की क्रिया तेज होती है और पौधा तेजी से भोजन बनाता है।
- कमी को दूर करना: शुरुआती अवस्था में अक्सर मिट्टी से सुक्ष्मपोषकतत्वों की कमी के कारण पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं या उनकी बढ़वार रुक जाती है। मायक्रोमैक्स इस छिपी हुई कमी (Hidden Hunger) को तुरंत पूरा करता है।
- एन्जाईमों को सक्रिय करना: इसमें मौजूद अन्य सुक्ष्मपोषकतत्व पौधे के अंदर होने वाली विभिन्न रासायनिक क्रियाओं और एन्जाईम्स को एक्टिव करते हैं, जिससे पौधे का संपूर्ण विकास संतुलित तरीके से होता है।
2. ड्रिप:
बेरी 48 (14:48:00)
यह एक विशेष वाटर-सोल्युबल खाद है, जिसमें मुख्य रूप से:
- 14% नाईट्रोजन (N): पौधे की शुरुआती हरीभरी बढ़त और ऊर्जा के लिए।
- 48% फास्फोरस (P2O5): जड़ों के विकास और ऊर्जा के संचार के लिए (इसमें फास्फोरस की मात्रा बहुत अधिक होती है)।
खीरे की फसल में इसके मुख्य लाभ
- जड़ों का बंपर विकास : अंकुरण के 15वें दिन पौधे को मजबूत और गहरे रूट सिस्टम की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। इसमें मौजूद 48% फास्फोरस जमीन के अंदर सफेद जड़ों (White Roots) का घना जाल बिछाने में सबसे अहम भूमिका निभाता है।
- मजबूत तना और शुरुआती ढांचा: यह पौधे के तने को अंदर से मजबूत बनाता है ताकि नन्हा पौधा मौसम के उतार-चढ़ाव या हवा के दबाव को आसानी से सहन कर सके।
- पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण: जब जमीन के अंदर जड़ें मजबूत और फैली हुई होती हैं, तो पौधा मिट्टी में मौजूद अन्य खादों और पानी को बहुत तेजी से खींचता है, जिससे पौधे की ओवरऑल ग्रोथ में तेजी आती है।
- तनाव सहन करने की शक्ति: शुरुआती दिनों में गर्मी या मिट्टी की नमी कम होने के कारण पौधे जो तनाव (Stress) महसूस करते हैं, उससे लड़ने में यह खाद पौधे को आंतरिक शक्ति देती है।
इस्तेमाल करने का तरीका
छिडकांव:
- बायो 20: 2 मिली प्रती लिटर पानी
- मायक्रोमैक्स: 1 मिली प्रती लिटर पानी
ड्रिप:
- बेरी 48 (14:48:00): 3 किलोग्राम प्रति एकड़
सावधानी: खाद को जमीन में देते समय खेत में पर्याप्त नमी (Moisture) होना बहुत जरूरी है, तभी जड़ें इसका पूरा लाभ उठा पाती हैं।



