6. पत्तागोभी और फूलगोभी की खेती में 35 से 40 दिन की अवस्था

पत्तागोभी (Cabbage) और फूलगोभी (Cauliflower) की खेती में 35 से 40 दिन की अवस्था बहुत महत्वपूर्ण होती है। इस समय पौधे वानस्पतिक वृद्धि से फूल/पत्ता बनने की शुरुआती अवस्था (Curd/Head initiation) में प्रवेश कर रहे होते हैं।

इस चरण पर कैल्शियम + बोरान (सीए + बी) और NPK 6:24:36 (लिबीग) का छिड़काव फसल की गुणवत्ता और पैदावार को दोगुना कर सकता है।

  1. कैल्शियम और बोरान (सीए + बी ) (छिड़काव)

कैल्शियम और बोरान हमेशा एक-दूसरे के पूरक के रूप में काम करते हैं। बोरान के बिना पौधा कैल्शियम को सही से अवशोषित नहीं कर पाता।

  • फूलगोभी में ‘ब्राउनिंग‘ (Browning) से बचाव: बोरान की कमी से फूलगोभी का फूल कत्थई/भूरा (Brown) होने लगता है और स्वाद कड़वा हो जाता है। यह छिड़काव फूल को बिल्कुल सफेद और चमकदार बनाए रखता है।
  • पत्तागोभी और फूलगोभी को फटने (Cracking) से बचाना: कैल्शियम पौधों की कोशिका भित्ति (Cell Wall) को मजबूती देता है। इसकी कमी से पत्तागोभी के हेड और फूलगोभी के फूल बीच से फटने लगते हैं। Ca+B का स्प्रे इन्हें ठोस और आकर्षक बनाता है।
  • ‘हॉलो स्टेम‘ (Hollow Stem) की समस्या का अंत: बोरान की कमी से तना अंदर से खोखला और काला हो जाता है। यह छिड़काव तने को मजबूत और ठोस रखता है, जिससे भारी फूल को भी पौधा आसानी से संभाल लेता है।
  • बेहतर शेल्फ लाइफ (Shelf Life): कैल्शियम के कारण गोभी तोड़ने के बाद कई दिनों तक ताजी रहती है, जिससे दूर की मंडियों में भेजने में आसानी होती है और सड़न नहीं होती।
  1. NPK 6:24:36 (लिबीग):

35-40 दिन पर पौधे को नाईट्रोजन से ज्यादा फास्फोरस और पोटाश की जरूरत होती है। इस खाद में 6% नाईट्रोजन, 24% फास्फोरस और 36% पोटाश होता है।

  • 6% नाईट्रोजन (N) – नियंत्रित वृद्धि: इस समय ज्यादा नाईट्रोजन देने से पौधा सिर्फ पत्तियां बढ़ाएगा और फूल छोटा रह जाएगा। 6% नाईट्रोजन पौधे के हरेपन को जरूरत के मुताबिक बनाए रखती है।
  • 24% फास्फोरस (P) – जड़ों का विकास और फूल की शुरुआत: फास्फोरस पौधे की जड़ों के जाल को मजबूत करता है ताकि वह जमीन से सारे पोषक तत्व खींच सके। साथ ही, यह फूल (Curd) बनने की प्रक्रिया को तेज और एकसमान करता है।
  • 36% पोटाश (K) – वजन, चमक और रोग प्रतिरोधक क्षमता: पोटाश का मुख्य काम फूल/पत्ते का वजन बढ़ाना, उसमें चमक लाना और उसे ठोस बनाना है। यह पौधे को कीड़ों, बीमारियों और सूखे/ठंड के प्रति सहनशील भी बनाता है।

मात्रा :

स्प्रे:

  • सीए + बी: 2 मिली प्रति लीटर पानी

       जमीन से :

  • लिबीग: 3 किलो प्रती एकड़

ca+b

lebieg

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