पत्तागोभी (Cabbage) और फूलगोभी (Cauliflower) की रोपाई के 15-20 दिन बाद का समय फसल की ‘वानस्पतिक विकास अवस्था‘ (Vegetative Growth Stage) होती है। इस समय पौधे अपनी जड़ें जमा चुके होते हैं और नई पत्तियां निकालना शुरू करते हैं।
इस अवस्था में बायो-20 (स्प्रे), किंगफोल जिंक 70 (स्प्रे), और अल्बर्ट सोल्युशन (जमीन से)—एक संपूर्ण पोषण चक्र (Complete Nutrient Cycle) बनाते हैं।
काम करने के तरीका:
- बायो-20
बायो-20 एक पत्ती अवशोषक है। 15-20 दिन के छोटे पौधों की पत्तियां इस पोषण को तुरंत सोख लेती हैं:
- NPK 20:20:20 (संतुलित सेल डिवीजन): इसमें नाईट्रोजन (N), फास्फोरस (P), और पोटेशियम (K) समान मात्रा में हैं। नाईट्रोजन पत्तियों में ‘प्रोटीन’ और ‘अमीनो एसिड’ बनाता है जिससे पत्तियां बड़ी होती हैं। फास्फोरस कोशिकाओं के विभाजन (Cell Division) को तेज करता है।
- सीवीड और हार्मोन्स (Auxins & Cytokinins): सीवीड में प्राकृतिक हार्मोन्स होते हैं। साइटोकाइनिन (Cytokinin) पौधे को ऊपर की तरफ नई शाखाएं और पत्तियां निकालने के लिए उकसाता है, जबकि औक्सिन (Auxin) जड़ों के विकास को गति देता है।
- तनाव प्रतिरोधकता (Anti-Stress): रोपाई के बाद पौधे जो ‘ट्रांसप्लांट शॉक’ (सदमों) से गुजरते हैं, सीवीड के ऑस्मोलिट्स (Osmolytes) कोशिकाओं को उस तनाव से बाहर निकालते हैं।
- किंगफोल जिंक 70:
गोभी वर्गीय फसलों के लिए जिंक (Zn) सबसे महत्वपूर्ण उत्प्रेरक (Catalyst) है।
- ट्रिप्टोफैन और औक्सिन का निर्माण: जिंक सीधे तौर पर ‘ट्रिप्टोफैन’ (Tryptophan) नाम के अमीनो एसिड को बनाता है, जो आगे चलकर इन्डोल-3-एसिटिक एसिड (IAA – एक प्राकृतिक औक्सिन हार्मोन) में बदल जाता है। यह हार्मोन पौधे के शीर्ष भाग (Apical Meristem) को तेजी से बढ़ाता है।
- इंटरनोड की लंबाई बढ़ाना: जिंक की कमी से गोभी के पौधे ‘बौने’ (Rosette Disease) रह जाते हैं और पत्तियां आपस में गुच्छे जैसी हो जाती हैं। जिंक 70 का स्प्रे कोशिकाओं को लंबा (Cell Elongation) करता है, जिससे पौधे को एक सही ढांचा मिलता है।
- एन्जाईम एक्टिवेशन: यह कार्बनिक एनहाइड्रेस (Carbonic Anhydrase) एन्जाईम को सक्रिय करता है, जो पौधे के भीतर कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) को ग्लूकोज में बदलने की रफ्तार तेज करता है।
- अल्बर्ट सोल्युशन (10:09:16 + Ca, Mg, S + Micronutrients)
जब आप इसे जमीन से (जड़ों में) देते हैं, तो यह पौधे के मुख्य मुख्य आधार (जड़ और तने) को मजबूत करने का वैज्ञानिक काम करता है।
- कैल्शियम (Ca) – सेल वॉल का सीमेंट: कैल्शियम पौधों की कोशिका भित्ति (Cell Wall) में ‘कैल्शियम पेक्टेट’ के रूप में जमा होता है। यह कोशिकाओं को आपस में सीमेंट की तरह जोड़कर रखता है। इससे पत्तागोभी का कंद और फूलगोभी का फूल भविष्य में ठोस और गठीला बनता है, खोखला नहीं रहता (Hollow Stem से बचाव)।
- मैग्नीशियम (Mg) – क्लोरोफिल का दिल: मैग्नीशियम, क्लोरोफिल (हरितलवक) के अणु का मुख्य केंद्र परमाणु होता है। इसके बिना पौधा सूर्य के प्रकाश से भोजन नहीं बना सकता। मैग्नीशियम मिलने से पत्तियां गहरे काले-हरे रंग की हो जाती हैं और भोजन बनाने की क्षमता 40% तक बढ़ जाती है।
- सल्फर (S) और सुक्ष्मपोषकतत्व – गोभी वर्गीय फसलों में एक खास तीखी गंध और स्वाद होता है, जो ‘ग्लूकोसाइनोलेट्स’ (Glucosinalotes) के कारण होता है। सल्फर इस तत्व को बनाता है, जो पौधों को प्राकृतिक रूप से कीटों और फंगस से लड़ने की ताकत देता है। इसके अलावा आयरन, बोरान और मैन्गेनीज जैसे सुक्ष्मपोषकतत्व जड़ों द्वारा नाईट्रोजन को सोखने की प्रक्रिया को पूरा करते हैं।
तो इससे,
- भोजन सोखने की क्षमता (Sinks & Sources): जमीन से अल्बर्ट सोल्युशन जड़ों को पोषण देगा (Source), और ऊपर से बायो-20 और जिंक पत्तियों की मांग (Sink) बढ़ाएंगे। इससे पौधा जमीन से बहुत तेजी से पानी और खाद खींचेगा।
- सफेद जड़ों का विकास: सीवीड और फास्फोरस के कोम्बिनेशन से मिट्टी में सफेद जड़ों का एक जाल बन जाएगा।
- कम समय में मजबूत ढांचा: गोभी की फसल को अपनी वानस्पतिक अवस्था केवल 40-45 दिनों में पूरी करनी होती है। यह वैज्ञानिक कोम्बिनेशन शुरुआती 20 दिनों में ही पौधे को इतना सक्षम बना देगा कि वह आने वाले समय में भारी और चमकदार कंद/फूल संभाल सके।
मात्रा (प्रति लीटर पानी):
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- बायो-20: 2 मिली
- किंगफोल जिंक 70: 1 मिली
जमीन से,
- अल्बर्ट सोल्युशन: 3 किलो प्रती एकड



