किंगफोल जिंक 70 बीजोपचार – कम मात्रा ज्यादा रिझल्ट

किंगफोल जिंक 70 बीजोपचार – कम मात्रा ज्यादा रिझल्ट

जिंक (Zn) का बीज के अंकुरण और शुरुआती फुटाव में बहुत गहरा संबंध है। आपने महसूस किया होगा कि “जिंक से अंकुरण और फुटाव अच्छा होता है”, उसके पीछे मुख्य रूप से हार्मोन्स और एन्झाईम्स का खेल है।

जिंक कैसे काम करता है,

  1. जिंक और ‘औक्सिन‘ (Auxin) हार्मोन का संबंध

जिंक की सबसे बड़ी भूमिका ‘इंडोल एसिटिक एसिड‘ (IAA) के निर्माण में है, जिसे हम ‘औक्सिन‘ हार्मोन कहते हैं।

  • अंकुरण में: जब बीज जमीन में होता है, तो उसे बढ़ने के लिए इस हार्मोन की जरूरत होती है। जिंक इस हार्मोन को बनाने वाला मुख्य कारक (Precursor) है।
  • फायदा: पर्याप्त जिंक होने पर बीज के अंदर का भ्रूण (Embryo) तेजी से सक्रिय होता है, जिससे अंकुरण जल्दी और स्वस्थ होता है।
  1. पानी में जिंक की उपलब्धता और अंकुरण

ज्यादा पानी (नमी) में अंकुरण और फुटाव अच्छा क्यों आता है, इसके दो मुख्य कारण हैं:

  • घुलनशीलता: जब मिट्टी में अच्छी नमी होती है, तो जिंक पानी में घुलकर जड़ों या बीज के छिद्रों तक आसानी से पहुँच पाता है।
  • कोशिका विस्तार (Cell Expansion): नमी के साथ मिलकर जिंक कोशिकाओं को खींचने (Elongation) का काम करता है। बिना पानी के जिंक सक्रिय नहीं हो पाता, जिससे अंकुरण धीमा हो जाता है।
  1. फुटाव (Tillering/Branching) में भूमिका

जिंक को “विकास का इंजन” कहा जाता है। फुटाव अच्छा आने के पीछे ये कारण हैं:

  • इंटरनोड की लंबाई: जिंक दो गांठों (Nodes) के बीच की दूरी को सही रखता है। अगर जिंक कम हो, तो पौधा ‘बौना’ रह जाता है और फुटाव नहीं कर पाता।
  • प्रोटीन संश्लेषण: जिंक 300 से ज्यादा एंजाइम्स को सक्रिय करता है जो प्रोटीन बनाने में मदद करते हैं। ज्यादा प्रोटीन मतलब ज्यादा नई कोशिकाएं, जिससे फुटाव (कल्ले) ज्यादा निकलते हैं।
  1. एन्झाईमो की सक्रियता

बीज के अंदर जो भोजन (Starch) जमा होता है, उसे अंकुरण के समय शुगर में बदलना पड़ता है ताकि नन्हा पौधा उसे खा सके। जिंक उन एन्झाईम्स को सक्रिय करता है जो इस स्टार्च को ऊर्जा में बदलते हैं।

  1. मिट्टी में जब जादा पानी का भराव

मिट्टी में जब पानी का भराव ज्यादा होता है, तो सबसे बड़ी समस्या औक्सीजन की कमी होती है। ऐसी स्थिति में मिट्टी “Anoxic” (औक्सीजन रहित) हो जाती है, जिससे जड़ें सांस नहीं ले पातीं और पोषक तत्वों को सोखना बंद कर देती हैं।

तो इस स्थिति में

A. औक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाव (Antioxidant Defense)

जब खेत में पानी भरा होता है, तो पौधे के अंदर “Reactive Oxygen Species” (ROS) नामक जहरीले तत्व बनने लगते हैं, जो पौधे की कोशिकाओं को नष्ट करते हैं।

  • जिंक का काम: जिंक एक ‘एंटी-औक्सीडेंट’ की तरह काम करता है। यह ‘Superoxide Dismutase’ (SOD) जैसे एन्झाईम्स को सक्रिय करता है जो इन जहरीले तत्वों को खत्म करके कोशिकाओं को मरने से बचाते हैं।
  • फायदा: पौधा पानी के भराव के बावजूद लंबे समय तक जीवित रह पाता है।

B. इथेनॉल टॉक्सिसिटी को कम करना

औक्सीजन न मिलने पर जड़ें “Anaerobic Respiration” (बिना हवा के सांस लेना) शुरू कर देती हैं, जिससे जड़ों में इथेनोल (शराब जैसा तत्व) बनने लगता है जो जड़ों को सड़ा देता है।

  • जिंक का काम: जिंक ‘Alcohol Dehydrogenase’ नामक एन्झाईम्स का मुख्य हिस्सा है। यह एंजाइम जहरीले इथेनॉल को कम हानिकारक तत्वों में बदलने में मदद करता है।
  • फायदा: जड़ें सड़ने से बच जाती हैं और पानी कम होने पर दोबारा तेजी से विकसित होती हैं।

C. रंध्रों का नियंत्रण (Stomatal Regulation)

ज्यादा पानी में पौधा अपनी पत्तियों के स्टोमाटा (Stomata) बंद कर देता है ताकि अंदर का दबाव बना रहे।

  • जिंक और पोटाश का काम: जिंक और पोटाश मिलकर रंध्रों को सही समय पर खोलने और बंद करने का संकेत देते हैं। इससे पौधा “मुरझाता” (Wilting) नहीं है, जो अक्सर पानी भराव में देखा जाता है।

मात्रा:

किंगफोल जिंक 70 : 2 मिली प्रती किलो बीज

(साथ में अन्य कीटनाशक और फफूंदनाशक वाले उत्पाद बाजार में मिलते है उनको इसके साथ मिलाया जा सकता है।)

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